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DMCH में ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ा टेट्रा, मरीज की जान से हुआ खिलवाड़

Updated at : 18 Nov 2024 10:55 PM (IST)
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DMCH में ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ा टेट्रा, मरीज की जान से हुआ खिलवाड़

DMCH: दरभंगा के डीएमसीएच में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां के स्त्री रोग विभाग के डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में ही टेट्रा छोड़ दिया.

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DMCH: उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) में लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां डॉक्टर ने गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर पेट में टेट्रा (कपड़ा) छोड़ दिया. एक महीने तक लगातार तकलीफ सहने के बाद मरीज के जख्म में पस आ गया और हालत बिगड़ गई. इसके बाद जब ड्रेसिंग की गई तो ऑपरेशन वाली जगह टेट्रा दिखाई दिया. ड्रेसर ने टेट्रा को निकाला और इस दौरान किसी ने वीडियो बना लिया. विडियो सामने आने के बाद से ही भारी हंगामा मच गया है और DMCH में डॉक्टरों की लापरवाह कार्यशैली सबके सामने आ गई है.

क्या बोले मरीज के पति

घटना के संबंध में मरीज अंजली कुमारी (24) के पति शिवम ठाकुर ने बताया कि आठ अक्टूबर को DMCH में ऑपरेशन कर प्रसव हुआ. 14 अक्टूबर को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. घर आने के बाद से ही अंजली की तकलीफ घटने के बजाए बढ़ती जा रही थी. ऑपरेशन वाला भाग धीरे-धीरे घाव में बदल गया और पस हो गया. फिर घाव की ड्रेसिंग के दौरान महिला के पेट से 40 दिन बाद टेट्रा निकाला गया.

अंजली के पति शिवम ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, “8 अक्टूबर को डीएमसीएच में ऑपरेशन से लड़का हुआ. ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने मरीज के पेट के अंदर टेट्रा छोड़ दिया. जिसके कारण लगातार मरीज को परेशानी हो रही थी और 40 दिन के बाद टेट्रा को बाहर निकाला है. इस बात की जानकारी बीती रात गांव में डॉक्टर द्वारा ड्रेसिंग के दौरान मिली. घाव की सफाई के दौरान पेट के अंदर से उजले रंग का कुछ दिखा. इसके बाद टेट्रा बाहर निकला. जिसका हमलोगों ने वीडियो भी बनाकर रखा है.”

डीएमसीएच अधीक्षक अल्का मिश्रा क्या बोलीं

इस मामले पर डीएमसीएच अधीक्षक अल्का मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान साफ सफाई के लिए छोटा सा टुकड़ा टेट्रा का होता है. जिसे सर्जरी के दौरान डॉक्टर ब्लीडिंग को साफ करने के लिए उपयोग में लाते हैं. यह मानवीय भूल हो सकती है. उससे हम इंकार नहीं कर सकते हैं. लेकिन क्या हुआ, नहीं हुआ, यह जांच का विषय है. जांच के बाद ही परिजन के आरोप की सत्यता का पता चल पाएगा.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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