सरकारी बीज नहीं ले रहे किसान, कृषि विभाग ने शुरू किया घर-घर संपर्क अभियान

Updated:
विज्ञापन
Darbhanga Seed Distribution

प्रखंड कृषि कार्यालय, जाले, दरभंगा

Darbhanga Seed Distribution: दरभंगा के जाले प्रखंड में सरकारी अनुदानित धान बीज का उठाव धीमा है. बीएओ ने कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को घर-घर जाकर किसानों को जागरूक करने का निर्देश दिया. किसानों ने समय पर बीज उपलब्ध कराने की मांग उठाई.

विज्ञापन

दरभंगा से केशवेन्द्र प्रताप ठाकुर की रिपोर्ट

Darbhanga Seed Distribution: खरीफ सीजन में सरकारी अनुदानित धान बीज का उठाव अपेक्षा से कम होने पर कृषि विभाग ने अब गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर किसानों को जागरूक करने का फैसला किया है. दरभंगा के जाले प्रखंड स्थित ई-किसान भवन में शुक्रवार को आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई.

बीएओ प्रेम नाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को निर्देश दिया गया कि वे किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें सरकारी अनुदानित बीज लेने के लिए प्रेरित करें.

ये भी पढ़ें: बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 15 जुलाई से आवेदन, जानें जरूरी दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया

बैठक में क्या निर्देश दिए गए

बैठक में बीएओ ने कहा कि सभी पात्र किसानों तक समय पर सरकारी बीज पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है. इसके लिए जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा और प्रत्येक पंचायत में किसानों से संपर्क बढ़ाया जाएगा.

उन्होंने कृषि कर्मियों से कहा कि वे घर-घर जाकर किसानों को सरकारी योजनाओं और अनुदानित बीज के लाभ के बारे में जानकारी दें.

प्रखंड में कितना बीज उपलब्ध

कृषि विभाग के अनुसार जाले प्रखंड में फिलहाल निम्न मात्रा में बीज उपलब्ध है—

बीज का प्रकारउपलब्ध मात्रा
हाइब्रिड धान4 क्विंटल 65 किलोग्राम
हाइब्रिड मक्का1 क्विंटल 56 किलोग्राम

किसानों ने उठाए कई सवाल

बैठक के दौरान किसानों ने सरकारी बीज वितरण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. किसानों का कहना था कि अधिकांश किसान खेती का समय निकलने से पहले ही बाजार से बीज खरीदकर नर्सरी तैयार कर लेते हैं.

उनका आरोप है कि सरकारी अनुदानित बीज अक्सर खेती के उपयुक्त समय के बाद उपलब्ध होता है. ऐसे में अनुदान का लाभ मिलने के बावजूद उसका व्यावहारिक उपयोग नहीं हो पाता.

ये भी पढ़ें: हज पर जाना है तो जल्द करें आवेदन, 20 जुलाई आखिरी तारीख, जानें जरूरी दस्तावेज और नियम

रोहिणी और आद्रा नक्षत्र का दिया हवाला

किसानों ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र में धान की नर्सरी लगाने से पौध बेहतर तैयार होती है, जबकि आद्रा नक्षत्र शुरू होते ही रोपाई का कार्य प्रारंभ हो जाता है.

ऐसी स्थिति में यदि सरकारी बीज समय पर उपलब्ध नहीं होगा तो नर्सरी तैयार करने और रोपाई दोनों पर असर पड़ेगा.

समय पर बीज उपलब्ध कराने की मांग

किसानों ने सरकार और कृषि विभाग से मांग की कि अनुदानित बीज का वितरण खेती के अनुकूल समय से पहले सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें.

कृषि विभाग का कहना है कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ सरकारी बीज वितरण की प्रक्रिया को भी गति दी जाएगी, ताकि खरीफ सीजन में पात्र किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराया जा सके.

ये भी पढ़ें: मैरिज ऐप पर हुई दोस्ती ने बर्बाद कर दी जिंदगी, प्यार, गेमिंग और निवेश के जाल में युवक से 40 लाख की साइबर ठगी

विज्ञापन
Aaruni Thakur

लेखक के बारे में

By Aaruni Thakur

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन