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Darbhanga : अब अगले वर्ग में स्वत: प्रमोट हो जाएंगे बच्चे

Updated at : 04 Apr 2025 10:22 PM (IST)
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Darbhanga : अब अगले वर्ग में स्वत: प्रमोट हो जाएंगे बच्चे

जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र- छात्राएं अब अगली कक्षा में स्वत: प्रमोट कर दिए जाएंगे.

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इ शिक्षाकोष पर दर्ज छात्रों की सूची अगली कक्षा के लिए कर दी जायेगी अपडेट Darbhanga : दरभंगा. जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र- छात्राएं अब अगली कक्षा में स्वत: प्रमोट कर दिए जाएंगे. किसी भी छात्र को नहीं रोका जाएगा. सभी नामांकित छात्रों का स्वत: अगली कक्षा में प्रमोशन हो जायेगा. इ शिक्षाकोष में दर्ज छात्रों की सूची को अगली कक्षा के लिए अपडेट कर दिया जाएगा. किसी छात्र को पुरानी कक्षा में रिपीट करने की आवश्यकता दिखेगी तो अभिभावक की सहमति मिलने पर ही उसे रोका जायेगा. इस आशय का पत्र प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने डीइओ एवं डीपीओ को जारी किया है. फिर पुराने सिस्टम पर लौटा शिक्षा विभाग अगली कक्षा में प्रमोशन के मामले में एक बार फिर पुराने सिस्टम पर शिक्षा विभाग लौटने का संकेत दे रहा है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक का पत्र कुछ ऐसा कहा रहा है. पहले भी छात्र-छात्राओं को बिना किसी अवरोध के अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाता था. अब फिर से नामांकित सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का आदेश जारी किया गया है. वार्षिक मूल्यांकन के औचित्य पर सवाल नये निर्णय से बच्चों के वार्षिक मूल्यांकन के औचित्य पर सवाल उठाया जाने लगा है. शिक्षा के अधिकार के तहत कुछ वर्ष पूर्व तक लचीला रुख अपनाया जाता रहा. अर्थात सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाने लगा. दो-तीन वर्षों से इसमें बदलाव लाया गया था. इ ग्रेड वाले बच्चों को विशेष शिक्षण एवं विशेष परीक्षा का प्रावधान किया गया था. एक बार फिर से पुराने प्रणाली से बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोशन देने की बात कही गई है. छात्र-छात्राओं की उपलब्धि स्तर की कई संस्था करती थी जांच बताते चलें कि प्रारंभिक सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं की उपलब्धि स्तर की जांच कई संस्थाओं द्वारा की जाती रही है. उपलब्धि संतोषजनक नहीं पाए जाने के कारण कई सुधारात्मक कदम उठाए जाते रहे हैं. विगत दो-तीन वर्षों से पांचवी एवं आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का वार्षिक परीक्षा में अच्छे परिणाम नहीं आने पर, उन्हें दो-तीन महीने के लिए विशेष पढ़ाई का मौका दिया जाता था. इसके बाद अगली कक्षा में प्रमोशन किया जाता था. पास नहीं करने वाले को पूरे वर्ष के लिए क्लास में डिटेन करने का भी प्रावधान था. परीक्षा से लेकर कॉपी मूल्यांकन तक में दिखी थी सख्ती बता दें कि इस बार पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों का मूल्यांकन एससीइआरटी ने आयोजित किया. परीक्षा लेने के लिये दूसरे स्कूल के शिक्षक प्रतिनियुक्त किये गये. सेंट्रलाइज्ड कॉपी की जांच दूसरे स्कूल के शिक्षकों से करायी गयी. इतना सब कुछ किये जाने के बावजूद सभी बच्चों को अब अगली कक्षा में प्रवेश दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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