संस्कृत विश्वविद्यालय के पीजी विभागों के छात्रों को सालों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 12 Jun 2024 11:34 PM

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दर्जनों अर्हताधारी छात्रों को सुलभ छात्रवृत्ति राशि का भुगतान वर्षों से नहीं हो रहा है.

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दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विवि के छह पीजी विभागों में नामांकित कई सत्र के दर्जनों अर्हताधारी छात्रों को सुलभ छात्रवृत्ति राशि का भुगतान वर्षों से नहीं हो रहा है. इसे लेकर लाभुक छात्र-छात्रा विवि व पीजी विभागों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं. बताया जाता है कि अधिकांश पीजी विभागों की ओर से अर्हताधारी चयनित छात्र-छात्राओं की सूची बनाकर भुगतान के लिए कई बार डीएसडब्ल्यू कार्यालय को भेजा जा चुका है. बावजूद विवि द्वारा संबंधित पीजी विभागों को अभी तक सुलभ छात्रवृत्ति मद की राशि नहीं भेजी गयी है. विवि सूत्रों के अनुसार अभी तक सत्र 2019-21 के नामांकित छात्रों को प्रथम वर्ष में 10 माह तक छात्रवृत्ति मद की राशि का भुगतान किया है. इसके बाद से इस सत्र के 40 छात्रों का अगले खंड के तीन लाख के अलावा सत्र 2020-22 के छह लाख, 2021-23 के छह लाख व 2022-24 के छह लाख यानी चार सत्र के 160 छात्रों के 21 लाख रुपये का भुगतान लंबित है. जानकारी के अनुसार सुलभ इंटरनेशनल के तत्कालीन चेयरमैन डॉ बिंदेश्वर पाठक ने छह पीजी विभागों में नामांकित आर्थिक रूप से कमजोर व योग्यता के आधार पर चयनित छात्रों को पढ़ने में सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से 25 लाख रुपये विवि को दे रखा है. विवि उस राशि को बैंक में जमा किये हुये है. बैंक से प्राप्त ब्याज से प्रत्येक विषय के नामांकित अर्हताधारी पांच-पांच छात्रों को अध्ययन अवधि यानी दो वर्षों के पाठ्यक्रम में नामांकित छात्रों को 750 रुपये प्रतिमाह की दर से सत्रवार 20 महीना तक छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान बना रखा है. इसके अनुसार पीजी साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष, वेद, दर्शन व धर्मशास्त्र विषय में सत्रवार लगभग 40 छात्र-छात्राओं को सुलभ छात्रवृत्ति मद में 15 हजार रुपये की दर से छह लाख रुपये, छह पीजी विभागों को विवि से राशि जारी किया जाना चाहिए था, जो अभी तक जारी नहीं किया गया है. छात्रों का कहना है कि पहले विवि की ओर से खंडवार नामांकन व परीक्षा ली जाती थी. दो वर्षों के पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए दो बार नामांकन व परीक्षा शुल्क लिया जाता था. अब सेमेस्टर प्रणाली के तहत दो वर्षों का पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए सेमेस्टरवाइज यानी चार बार नामांकन व परीक्षा शुल्क देना होता है. ऐसे में ससमय छात्रवृत्ति मद की राशि भुगतान में विलंब किया जाता है तो पढाई जारी रखने के लिए कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पडता है. वहीं दाता सदस्य ने जिस उद्देश्य के लिए दान दिया था, वह भी प्रभावित हो रहा है. डीएसडब्ल्यू डॉ शिवलोचन झा ने बताया कि सुलभ छात्रवृत्ति योजना का लंबित भुगतान चालू माह में सभी पीजी विभागों को कर दिया जायेगा. यह मामला संज्ञान में है. जल्द से जल्द निष्पादन का कार्य चल रहा है. सरकार की ओर से विवि के बैंक खातों का एकीकरण करना व खाता से भुगतान पर तत्काल रोक लगाने के कारण विलंब हो रहा है.

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