बीच सड़क पर अंग्रेज सार्जेंट मेजर की छाती पर चढ़ लगाया था आजादी का नारा

Updated at : 18 Aug 2024 10:54 PM (IST)
विज्ञापन
बीच सड़क पर अंग्रेज सार्जेंट मेजर की छाती पर चढ़ लगाया था आजादी का नारा

रतनपुर गांव में रविवार को 1942 में अंग्रेजों की गोली से शहीद हुए प्रदीप शर्मा व मो. बिलट दर्जी के स्मारक पर माल्यार्पण कर शहादत दिवस मनाया गया.

विज्ञापन

जाले. रतनपुर गांव में रविवार को 1942 में अंग्रेजों की गोली से शहीद हुए प्रदीप शर्मा व मो. बिलट दर्जी के स्मारक पर माल्यार्पण कर शहादत दिवस मनाया गया. भूतपूर्व सैनिक कैप्टन नवल किशोर ठाकुर के नेतृत्व में पूर्व सैनिक व ग्रामीणों ने शहीदों व रणबांकुरों को याद करते हुए नारेबाजी की. मालूम हो कि महात्मा गांधी ने 1942 में अगस्त क्रांति के दौरान अंग्रेज भारत छोड़ो का शंखनाद किया था. उनके आह्वान पर इस इलाके के युवा वर्ग भी आंदोलन में कूद पड़े थे. इससे बौखलाए अंग्रेजों ने दमनात्मक कार्रवाई शुरू की थी. उस समय रतनपुर स्वतंत्रता आंदोलन के सिपाहियों का गढ़ था. स्वतंत्रता के इन सिपाहियों को सबक सिखाने के लिए अंग्रेजी पुलिस ने कई बार कार्रवाई की, लेकिन देशभक्त युवाओं के जोश के सामने अंग्रेजी पलटन को कई बार मुंह की खानी पड़ी थी. बार-बार हार से बौखलाए अंग्रेज हुकूमत की ओर से 18 अगस्त 1942 को रतनपुर गांव की जबर्दस्त नाकेबंदी कर दी गयी थी. राममूर्ति शर्मा के घर में आग लगाकर जबरन जलाने की कोशिश की गयी थी. इसी क्रम में अंग्रेजों व ग्रामीणों के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गयी थी. जिनिश ठाकुर ने एक अंग्रेज सार्जेंट मेजर को बीच सड़क पर उठाकर पटक दिया. उसकी छाती पर बैठकर जमकर धुनाई कर दी थी. आजादी के नारे लगाये थे ग्रामीणों के इस आक्रमण से कई अंग्रेज अधिकारी व सिपाहियों को गंभीर चोटें आयी. इसके बाद अंग्रेजों ने योजना अनुसार गोली चलानी शुरू कर दी. अंग्रेजों द्वारा चलायी गयी गोली से प्रदीप शर्मा व मो. बिलट दर्जी शहीद हो गए थे. वहीं बहादुर ठाकुर का बायां हाथ कट कर गया था. कप्पल कुमर, राजेश्वर ठाकुर उर्फ मुनीजी, राममूर्ति शर्मा, राजेंद्र प्रसाद ठाकुर, कपिलदेव ठाकुर, खोभारी ठाकुर, जिनिस ठाकुर सहित कई ग्रामीण घायल हो गए थे. गंभीर रुप से घायल कप्पल कुमर की बाद में मौत हो गयी. वह रणक्षेत्र आज भी शहीद स्थल के नाम से जाना जाता है. आजादी की लड़ाई में रतनपुर गांव के इस महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ कृष्ण सिंह शपथ ग्रहण के बाद यहां आए थे. उन्होंने शहीद स्थल पर एक शहीद स्तंभ लगवाया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन