Darbhanga News: डेढ़ दशक के आंदोलन के बाद एक माह के अस्थायी ठहराव की घोषणा

Updated at : 27 Feb 2025 10:37 PM (IST)
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Darbhanga News: डेढ़ दशक के आंदोलन के बाद एक माह के अस्थायी ठहराव की घोषणा

Darbhanga News:सकरी-हरनगर रेलखंड पर 15 सालों के संघर्ष के बाद आंदोलनकारियों के आगे रेल प्रशासन को झुकना पड़ा.

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Darbhanga News: सुबोध नारायण पाठक, बेनीपुर. सकरी-हरनगर रेलखंड पर 15 सालों के संघर्ष के बाद आंदोलनकारियों के आगे रेल प्रशासन को झुकना पड़ा. हालांकि अभी भी क्षेत्रवासियों की मांग को पूरी तरह नहीं मानी गई है. इस हॉल्ट पर ट्रेनों के अस्थाई ठहराव की ही घोषणा रेल विभाग द्वारा दी गयी है, वह भी महज एक महीना के लिए ही. वैसे इसे भी आंदोलनकारियों की जीत ही माना जा रहा है. मालूम हो कि गत डेढ़ दशक पूर्व ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ होने के साथ ही नवादा में मां जगदंबा हॉल्ट निर्माण को लेकर निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय लोग ट्रेनों के ठहराव की मांग करने लगे. इसे लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन, रेल रोको आंदोलन आदि किया गया. रेल प्रशासन के निर्देशानुसार संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तावित स्थल पर हॉल्ट भवन, पहुंच पथ, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था भी कर दी गयी, लेकिन मंत्रालय द्वारा इसकी स्वीकृति नहीं मिलने से लोग अपने-आपको ठगा सा महसूस करते हुए आंदोलन की गति तेज कर दी. अंतत: रेल प्रशासन को झुकना पड़ा और समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक ने होली को देखते हुए आगामी एक मार्च से एक अप्रैल तक अस्थाई ठहराव सुनिश्चित करने की घोषणा कर दी.

खुशी के साथ मायूसी भी

इधर, 15 सालों के संघर्षों के बावजूद अल्पकालीन ठहराव की घोषणा से लोगों में खुशी व गम दोनों है. खुशी है कि आखिर रेल ठहराव का सिलसिला तो प्रारंभ होने जा रहा है. वहीं कई लोगों में गम है कि इतने लम्बे संघर्ष के बावजूद रेल प्रशासन इसे अल्पकालीन ठहराव की ही घोषणा की है.

2010 में हुआ था पहली बार आंदोलन

यहां गाड़ियों के ठहराव के लिए पांच जनवरी 2010 को प्रस्तावित स्थल पर एक दिवसीय उपवास व रेल रोको आंदोलन के साथ संघर्ष प्रारंभ हुआ. इसका अंत 15 फरवरी से आमरण अनशन के बाद समाप्त हुआ. इसके तहत संघर्ष समिति द्वारा पांच मार्च 11 को हाजीपुर महाप्रबंधक कार्यालय, 15 मार्च 12 को दरभंगा जंक्शन व समस्तीपुर मंडल कार्यालय पर धरना के अलावा 13 मार्च को प्रस्तावित स्थल पर 36 घंटा रेल रोको आंदोलन, 20 फरवरी 15 को जंतर-मंतर पर धरना, 15 अगस्त 15 को 72 घंटे रेल रोको आंदोलन, 12 अगस्त 18 व 14 अगस्त 18 तक तीन दिनों के लिए जोनल रेल प्रबंधक के मेमो पर ट्रेनों का ठहराव प्रारंभ किया गया. इसे पुनः 15 अगस्त को बंद कर दिया गया. रेल ठहराव बंद होने के बाद पुन: आंदोलन प्रारंभ हुआ, तब रेलवे बोर्ड ने राज्य व जिला से हॉल्ट का नाम एवं स्थल का प्रस्ताव मांगा.

ढाई साल पहले हाॅल्ट का कोड जारी

जिला प्रशासन की अनुशंसा पर 21 सितंबर 2022 को हॉल्ट का कोड जारी कर इसकी स्वीकृति दी गयी. 16 अक्तूबर 2023 को हॉल्ट अभिकर्ता चयन के लिए निविदा प्रकाशित की गयी, बावजूद हाल्ट पर ट्रेनों के ठहराव प्रारम्भ नहीं किया गया. 2024 में भी कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन चला. वहीं रेल प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों की मांग की अनदेखी की जाती रही.

बेमियादी अनशन के बाद ठहराव की घोषणा

अंतत: आंदोलनकारी करो या मरो की स्थिति में 15 फरवरी से आमरण अनशन शुरु कर दिया. उसके बाद अनशनकारी प्रतिनिधियों से डीआरएम ने वार्ता की. वार्ता के बाद गत 24 फरवरी को दो जोड़ी डेमू ट्रेन के एक मार्च से एक अप्रैल तक अस्थाई ठहराव का आदेश जारी किया गया .

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