Darbhanga News: बेनीपुर. नगर परिषद गठन के एक दशक बाद भी नगरवासियों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो रहा है. हालांकि सभी वार्डो में करोड़ों की लागत से संचिका पर 29 वार्डों में नल-जल योजना का काम पूरा हो गया है, परंतु जमीनी हकीकत है कि आज भी कई वार्डों में काम किये बगैर कार्यालय की मिलीभगत से राशि उठा ली गयी. आश्चर्य की बात तो यह है कि नगर प्रशासन आधी-अधूरी पड़े नल-जल को चालू कराने के बजाय विभिन्न वार्डों में चालू नल-जल की मरम्मति के नाम पर लाखों की बंदर-बांट करने में जुटा है. सबसे दयनीय स्थिति वार्ड 20 का है. यहां इस योजना के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद लोगों को नल-जल से पानी नसीब नहीं हो रहा है. मालूम हो कि इस वार्ड के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद की ओर से लगभग पांच साल पूर्व ही निविदा प्रकाशित कर एक करोड़ 33 लाख से अधिक की लागत से ठेकेदार को कार्य आदेश जारी कर दिया गया, लेकिन ठेकेदार एवं नगर प्रशासन की उदासीनता के कारण आजतक योजना को पूरा नहीं किया गया है. योजना संचालन के नाम पर ठेकेदार द्वारा बोरिंग करा व आधा-अधूरा काम कर विभाग की मिलीभगत से लाखों रुपए भुगतान प्राप्त कर लिया गया. इसे वर्षों बीत जाने के बावजूद नगर प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है. वार्ड 20 की पार्षद शबनम परवीन ने कहा कि उनके कार्यकाल से पूर्व से ही यह नल-जल निर्माणाधीन है. इसे लेकर कई बार नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी से लेकर मुख्य पार्षद तक से गुहार लगा चुकी हूं, लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है. ठेकेदार फरार चल रहे हैं. यही हाल वार्ड 13 का भी है. यहां भी बगैर काम के ही भुगतान कर दिया गया. इस सम्बन्ध में कार्यपालक पदाधिकारी प्रथमा पुष्पांकर से सम्पर्क करने पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
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