जिले में ट्रेन से आ रही शराब की खेप

Published at :27 Jun 2016 7:18 AM (IST)
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जिले में ट्रेन से आ रही शराब की खेप

चौकसी के बाद भी कम नहीं हाे रही शराब की तस्करी शराब कारोबारी हैं सक्रिय रेलवे को बनाया शराब मंगाने का नया जरिया नेपाल व झारखंड से कारोबारी कर रहे ढुलाई प्रशासन की लाख कोशिश के बाद भी नहीं लग सका पूरी तरह लगाम हजारों लीटर देसी व विदेशी शराब की गयी नष्ट दरभंगा : […]

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चौकसी के बाद भी कम नहीं हाे रही शराब की तस्करी

शराब कारोबारी हैं सक्रिय
रेलवे को बनाया शराब मंगाने का नया जरिया
नेपाल व झारखंड से कारोबारी कर रहे ढुलाई
प्रशासन की लाख कोशिश के बाद भी नहीं लग सका पूरी तरह लगाम
हजारों लीटर देसी व विदेशी शराब की गयी नष्ट
दरभंगा : बे की सरकार ने प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी. अचानक से लिये गये इस निर्णय से आरंभिक दिनों में ऐसा लगा कि तुरंत इस पर ब्रेक लगना संभव नहीं है, पर प्रशासनिक तत्परता व सख्ती ने इसे कर दिखाया.
जिले के लोगों ने खुलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इसके लिए तारीफ की. इस निर्णय का स्वागत किया. ताबड़तोड़ छापेमारी हुई. कई भट्ठी ध्वस्त हुए. कई गिरफ्तारियां भी हुई.
हजारों लीटर देसी व विदेशी शराब नष्ट किये गये. शराबियों को इस दलदल से निजात दिलाने के लिए डीएमसीएच में नशा मुक्ति वार्ड अलग से खोला गया. दर्जनों इसमें भर्ती हुए. समय बीतता गया. धीरे-धीरे प्रशासन की तवज्जो घटती चली गयी. इसका फायदा शराब के करोबारियों ने उठाना शुरू कर दिया.
भीड़ का उठा रहे फायदा
सड़क मार्ग पर प्रशासन की कड़ी चौकसी को देखते हुए कारोबारियों व शराबियों ने रेलवे को माध्यम बना लिया. ट्रेन की भीड़ का फायदा उठाकर बड़े आराम से सामान के बीच में छिपाकर शराब खरीद कर लाने लगे हैं. हालांकि कई मामले पकड़ में भी आये. आरपीएफ व जीआरपी ने इसमें दो लोगों को गिरफ्तार भी किया. वहीं उत्पाद विभाग ने भी गुप्त सूचना पर शराब बरामद करते हुए गिरफ्तारी की, लेकिन इस मार्ग की कड़ी निगहबानी नहीं होने की वजह से अभी भी ट्रेन से शराब की आपूर्त्ति हो रही है.
िकसी भी अनजान को नहीं देते शराब
यही शराब जिले में बिक भी रही है. प्रिंट रेट से तीन गुनी कीमत वसूल कर शराब बेची जा रही है. अब देसी शराब नहीं मिलती. विदेशी शराब ही मिलती है. कारोबारी अपनी सुरक्षा व गोपनीयता के लिए किसी अनजान को शराब नहीं देते. जिसे वे जानते हैं, उसके हाथ इसकी बिक्री करते हैं.
इसके लिए कई करोबारियों ने एक खास आदमी भी नियुक्त कर रखा है जो मीडिएटर का काम करता है. जानकार बताते हैं कि ऐसा इसलिए किया जाता है कि अगर कभी पुलिस खरीदार तक पहुंचे भी तो कम से कम करोबारी सेफ रह सके.
25 मई को गुप्त सूचना पर उत्पाद अधीक्षक ने छापेमारी कर भारी मात्रा में झारखंड से ट्रेन के माध्यम से लाये जा रहे शराब को जब्त किया. वहीं इस मामले में शहरी क्षेत्र के तीन स्थल पर छापेमारी कर सात लोगों को हिरासत में लिया था.
पहली जून को दरभंगा जंकशन के प्लेटफॉर्म 2-3 के उत्तरी छोड़ पर एक बैग से जीआरपी ने लावारिस अवस्था में 28 बोतल शराब बरामद की थी. भनक लग जाने के कारण काफी देर रेकी के बावजूद कोई इसे उठाने नहीं आया.
12 जून को रांची से जयनगर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को लहेरियासराय स्टेशन पर वैक्यूम खोलकर रोक कर दो यात्री उतरे. आरपीएफ ने दोनों को गिरफ्तार किया. बैग की तलाशी में दोनों के पास से 10-10 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई. इसमें एक धनाबद पुराना स्टेशन निवासी फैजूल रहमान का पुत्र मो. रब्बानी व दूसरा कमतौल थाना क्षेत्र के बहुआरा निवासी मीर मो. मुस्तकीम का पुत्र मीर मो. शहनवाज गिरफ्तार हुआ.
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