कातिबों के लिखित दस्तावेजों पर बंद हुआ निबंधन

Published at :21 Jun 2016 7:15 AM (IST)
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कातिबों के लिखित दस्तावेजों पर बंद हुआ निबंधन

दरभंगा : मीन रजिस्ट्री के लिए कातिबों के लिखे दस्तावेजों के निबंधन पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है. अब कातिब कंप्यूटर से टाइप दस्तावेज प्रारूप पर केवल अपना हस्ताक्षर एवं लाइसेंस नंबर ही लिख सकेंगे. निबंधन विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक के इस संबंध में आदेश मिलते ही 18 जून से जिला […]

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दरभंगा : मीन रजिस्ट्री के लिए कातिबों के लिखे दस्तावेजों के निबंधन पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है. अब कातिब कंप्यूटर से टाइप दस्तावेज प्रारूप पर केवल अपना हस्ताक्षर एवं लाइसेंस नंबर ही लिख सकेंगे. निबंधन विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक के इस संबंध में आदेश मिलते ही 18 जून से जिला के तीनों निबंधन कार्यालय में इसे लागू कर दिया गया. सरकार के इस नये आदेश से वर्षों से दस्तावेज लेखन की पेशा से जुड़े जिला के करीब 250 कातिबों के समक्ष फाकाकशी की स्थिति आ गयी है.

दस्तावेजों की विसंगति समाप्त करने का निर्णय
राज्य सरकार ने सभी जमीन का विवरण ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है. इसके लिए सरकार ने पिछले माह ‘मॉडल डीड’ पद्धति से जमीन निबंधित करने का निर्णय लेकर सभी कातिबों को इस कार्य से वंचित कर दिया. सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कातिब संघ पटना उच्च न्यायालय में अपील किया. उच्च न्यायालय ने लाइसेंसी कातिबों को पुन: दस्तावेज लेखन में शामिल करने का निर्देश दिया. इसके बाद गत 18 मई को जिला निबंधक सह डीएम डा. चंद्रशेखर सिंह ने संशोधित पत्र जारी किया. इसके बाद से पुन: कातिबगण पूर्ववत स्थिति में काम करने लगे थे.
लेकिन गत 17 जून को निबंधन विभाग के प्रधान सचिव श्री पाठक के पत्र ने कातिबों को एक बार पुन: पूर्ववत स्थिति में ला दिया है. जिला निबंधकों को भेजे पत्र में प्रधान सचिव ने लिखा है कि कातिबों के हाथ से लिखे गये दस्तावेजों में विसंगतियां अधिक होने के कारण उसे रोककर अब पूरी तरह कंप्यूटर से प्रारूपित दस्तावेज ही निबंधित होंगे. लाइसेंसधारी कातिब कंप्यूटर से प्रारूपित दस्तावेजों पर अपना हस्ताक्षर एवं लाइसेंस नंबर लिख सकते हैं. प्रधान सचिव के आदेश के आलोक में जिला के दरभंगा, बहेड़ा एवं कमतौल निबंधन कार्यालयों में 18 जून से कातिबों के लिखे दस्तावेज के निबंधन पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी.
जिले में हैं 250 लाइसेंसी कातिब
जिला निबंधक सह डीएम से प्राप्त लाइसेंसी कातिबों की संख्या यहां करीब 250 है. इनमें से करीब 175 जिला अवर निबंधन कार्यालय दरभंगा तथा शेष बहेड़ा एवं कमतौल में दस्तावेज लेखन का काम करते हैं. इनमें से कई वैसे कातिब हैं, जिनके पूर्वज भी इसी पेशा से जुड़े थे. सरकार के इस निर्णय ने इन कातिबों के समक्ष फाकाकशी की स्थिति ला दी है. कातिब बद्री नारायण लाल, उपेंद्र यादव, मायाशंकर लाल कर्ण, रामचंद्र यादव, मो शमीम सहित कई कातिबों ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनलोगों में उम्मीद की किरण जगी थी, लेकिन प्रधान सचिव के संशोधित आदेश ने एक बार पुन: उनलोगों को सड़क पर लाकर छोड़ दिया है.
हस्ताक्षर व लाइसेंस नंबर लिख सकते हैं कातिब
निबंधन कार्य में पारदर्शिता एवं बिचौलिया विहीन कार्यालय मेंं कार्य करने को लेकर प्रधान सचिव ने यह व्यवस्था दी है. उन्होंने आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन कर प्रतिदिन निबंधित दस्तावेज संबंधी विवरणी की मांग की है. इसी आलोक में 18 जून से कातिबों द्वारा लिखे गये दस्तावेजों का निबंधन पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है. अब कंप्यूटर से प्रारूपित दस्तावेज पर कातिब केवल हस्ताक्षर एवं लाइसेंस नंबर ही लिख सकते हैं.
रीता सिन्हा, जिला अवर निबंधक, निबंधन कार्यालय दरभंगा
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