सलाह. दो दिवसीय सेमिनार व चिकित्सा शिविर संपन्न

Published at :18 Apr 2016 2:13 AM (IST)
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सलाह. दो दिवसीय सेमिनार व चिकित्सा शिविर संपन्न

संतुलित खायें, निरोग रहें बोले डायबिटीज िवशेषज्ञ श्रीमंत कुमार कितना लें कैलोरी एक स्वस्थ्य व्यक्ति को प्रतिदिन पांच सौ कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है. लेकिन इस अत्याधुनिक दौर में 1200 कैलोरी वाले खाना खा लेते हैं. यह रोग का सबसे बड़ा कारण है. यही कारण है कि पुरुषों के कमर का साइज सामान्य 90 से […]

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संतुलित खायें, निरोग रहें

बोले डायबिटीज िवशेषज्ञ श्रीमंत कुमार
कितना लें कैलोरी
एक स्वस्थ्य व्यक्ति को प्रतिदिन पांच सौ कैलोरी की आवश्यकता पड़ती है. लेकिन इस अत्याधुनिक दौर में 1200 कैलोरी वाले खाना खा लेते हैं. यह रोग का सबसे बड़ा कारण है. यही कारण है कि पुरुषों के कमर का साइज सामान्य 90 से अधिक और महिलाओं का सामान्य 80 से कई गुणा अधिक हो जाता है. सामान्य से अधिक कैलोरी लेने से यह मोटापा बढ़ता है.
जंक फूड न खायें
लोगों को जंक फूड और फास्ट फूड की आदत सी बन गयी है और यह मोटापा का कारण बनता जा रहा है. फास्ट फूड खायेंगे तो जल्दी उपर जायेंगे. स्वस्थ खाना खायें और फीट रहें. आजकल लोग फिटनेश के लिए हेल्थ संेटर जाते हैं. वहां एक्सीलेटर पर बैठते हैं लेकिन सड़क पर ऐसे लोग साइकिल से सफर नहीं करते हैं.
दरभंगा : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार एवं मुफ्त चिकित्सा शिविर रविवार को डीएमसी के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. आयोजित सेमिनार में लोगों को संबोधित करते हुए माउंट आबू से आये डायबिटिज विशेष श्रीमंत कुमार ने कहा कि भोजन शैली को दुरूस्त करें. यही जीवन का आधार है.
संतुलित भोजन का आधार
24 घंटों में संतुलित भोजन पांच बार करें, इसमें तीन बार ठोस भोजन लें. इसमें चावल एक कटोरी, दो तीन चपाती. इसके अलावा रात के भोजन में 8 से 9 बजे के बीच में भोजन करें. इस बीच 11 बजे फल का सेवन करें. दिन में दो बार द्रव्य भोजन लें. सुबह का नाश्ता 8 से 9 के बीच में हर हाल में कर लेना है,
जबकि अंतिम भोजन रात के 8 और 9 के बीच लेना है. इसक बाद अगर आप भोजन के रूप में कुछ लेते हैं तो यह आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है. संतुलित भोजन में हरी शब्जी की मात्रा 50 प्रतिशत होना चाहिए, जबकि शेष भोजन में 50 प्रतिशत अन्य खाद्य पदार्थ शामिल करें.
स्वास्थ्य ही धन है
मंत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य ही अपना धन है. स्वास्थ्य गया तो सबकुछ गया. जो व्यक्ति स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं, वैसे व्यक्ति जीवनपर्यंत बीमार नहीं होते हैं. मतलब यह है कि स्वास्थ्य बिगड़ा तो उपचार में सभी धन बर्बाद हो जाता है और जीवन नरक बन जाता है. अच्छे स्वास्थ्य के लिए तीन या छह माह पर जरूर जांच करायें. डायबिटिज वाले लोग हर माह अपनी जांच करायें.
अध्यात्म से भी होता है निरोग
मेडिटेशन और आत्यात्मिक के माध्यम से अपने जीवन में शुद्ध एवं श्रेष्ठ विचारों को लाकर हम सभी बीमारियों को ठीक कर सकते हैं. लेकिन यह दोनों माध्यम एकाग्रचित्त में होना चाहिए. यह लोगों के लिए आवश्यक है.
हमारे पूर्वज थे फिट
हमारे पूर्वज मसलन रामचंद्रजी, कृष्णजी फिट थे लेकिन अत्याधुनिक लोग अनफिट हैं. उस समय उन्हें कोई रोग नहीं होता था. आज के लोग बंदर बन गये हैं. सभी रोगी हो गये हैं. डारबिन का नियम सरवाइवल ऑफ द फिटेस्ट पढ़ें. चर्बी ज्यादा होने पर मोटापा होता है. क्या खायें और क्या नहीं खायें यह लोगों को समझना आवश्यक है. खानपान सुधार लें तो 90 प्रतिशत रोग ऐसे ही गायब हो जायेगा.
कितने आये मरीज
दो दिवसीय मुफ्त चिकित्सा शिविर में करीब दो हजार लोग आये. इसमें डायबिटिज, रक्तचाप, मोटापा, थायराइड और केलोस्ट्रॉल की जांच की गयी एवं ऐसे बीमारियों के कारण एवं नियंत्रण के लिए मार्गदर्शन किया गया. इसके साथ राजयोग के माध्यम से भी बीमारियों से मुक्ति शिविर का भी आयोजन किया गया. इसमें डाक्टर, नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं कई लोग इस शिविर में शामिल हुए.
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