अमित शाह अच्छे, पर गलतफहमी के शिकार

Published at :19 Jan 2016 6:57 AM (IST)
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अमित शाह अच्छे, पर गलतफहमी के शिकार

दरभंगा : भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद ने अपनी पार्टी के साथ ही सरकार पर भी निशाना साधा. सोमवार को अपने भंडार चौक स्थित आवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि डीडीसीए प्र करण पर सीबीआइ भी दवाब में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि चार बार सीबीआइ की ओर […]

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दरभंगा : भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद ने अपनी पार्टी के साथ ही सरकार पर भी निशाना साधा. सोमवार को अपने भंडार चौक स्थित आवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि डीडीसीए प्र करण पर सीबीआइ भी दवाब में काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि चार बार सीबीआइ की ओर से नोटिस भेजी गयी. कोई जवाब नहीं दिया गया. जवाब नहीं दिये जाने के बाद भी सीबीआइ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी. यह दवाब में काम करने का प्रमाण दे रहा है. हालांकि सांसद ने किसके दवाब में काम करने के सवाल को टाल गये.

सांसद ने अपने निलंबन पर बोलते हुए कहा कि पिछले दस वर्ष से इस मुद्दे को पकड़ रखा है. इसमें न तो अपने दल का नाम लिया, न ही किसी नेता का. इस अविध में कई अध्यक्ष रहे, लेकिन किसी ने इसे पार्टी से नहीं जोड़ा. वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मुद्दे को पार्टी से

अमित शाह अच्छे

जोड़ लिया है. हालांकि निलंबन में डीडीसीए का जिक्र नहीं है, सिर्फ पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है. इस पर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि डीडीसीए का जिक्र नहीं होने का स्पष्ट मतलब है कि भाजपा भी इसमें हुए भ्रष्टाचार को मानती है.

दूसरा डीडीसीए में भ्रष्टाचार उजागर करना, इसके खिलाफ लड़ाई लड़ना पार्टी विरोधी गतिविधि कैसे हो गयी. श्री आजाद ने कहा कि उनसे जो स्पष्टीकरण मांगा गया उसका जवाब वे दे चुके हैं. उसके भी कई दिन बीत गये, लेकिन आगे की कोई कार्रवाई दल की ओर से नहीं की जा रही. राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बड़ाई करते हुए कहा कि वे अच्छे आदमी हैं, लेकिन गलतफहमी के शिकार हो गये. लगता है उन्हें इस मुद्दे पर गलत जानकारी दी गयी है.

श्री आजाद ने कहा कि वे भाजपा नेता अरूण जेटली के शुभचिंतक ही हैं. जब-जब उनहें गड़बड़ी की जानकारी हुई, तत्काल आगाह किया. 20 चिट्ठियां लिखी, 500 इ-मेल भेजे, हजारों एसएमएस किये. यह नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने चिट्ठी नहीं देखी, कारण चिट्ठी का जवाब भी उनकी ओर से आया. सिर्फ मैंने ही नहीं, विशन सिंह बेदी ने भी समय-समय पर भ्रष्टाचार की सूचना उपलब्ध करायी, लेकिन गंभीरता से इस मुद्दे को लिया ही नहीं गया.

इस मामले में भ्रष्टाचार साबित हो गया है. सीबीआइ अनुसंधान का विषय है. निलंबन से नाराज दिख रहे सांसद ने कहा कि उनके साथ कई स्थानीय सदस्यों व नेताओं को भी निलंबित कर दिया गया है. क्षेत्र की जनता का स्नेह व समर्थन प्राप्त है. इसी के बल पर वे इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में जुटे हैं. मौके पर पार्टी से निलंबित नेताओं के साथ ही कई मंडल अध्यक्ष तथा मंच-मोर्चा के पदाधिकारी भी मौजूद दिखे.

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