सीबीएसइ स्कूलों में नहीं चलेगा जंक फुड

सीबीएसइ स्कूलों में नहीं चलेगा जंक फुड दो सौ मीटर के दायरे में नहीं बिकेंगे फास्ट फुड नियमित होगा लंच बॉक्स का निरीक्षण माताओं को रखना होगा ख्याल स्कूल कैंटिन की निगरानी करेगी समिति सीबीएसइ ने जारी किया निर्देश दरभंगा. सीबीएसइ ने संबद्ध स्कूलों में जंक फुड के स्थान पर हेल्दी स्नैक्स के प्रचलन को […]
सीबीएसइ स्कूलों में नहीं चलेगा जंक फुड दो सौ मीटर के दायरे में नहीं बिकेंगे फास्ट फुड नियमित होगा लंच बॉक्स का निरीक्षण माताओं को रखना होगा ख्याल स्कूल कैंटिन की निगरानी करेगी समिति सीबीएसइ ने जारी किया निर्देश दरभंगा. सीबीएसइ ने संबद्ध स्कूलों में जंक फुड के स्थान पर हेल्दी स्नैक्स के प्रचलन को बढ़ावा देने का निर्देश जारी किया है. स्कूली बच्चों में फास्ट फुड के बढ़ते प्रचलन तथा इससे होने वाले बीमारियों पर रोकथाम के लिए स्कूल प्रबंधन को कई गाइड लाइन दिये हैं. इसके अनुपालन से न केवल स्कूली बच्चों के बौद्धिक विकास में बाधा उत्पन्न होने से रोका जा सकेगा, बल्कि बच्चों का शारीरिक विकास के साथ मानसिक संतुलन सही रहेगा. सीबीएसइ ने मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन चाइल्ड डेवलेपमेंट के रिपोर्ट का आधार बनाकर हाइ फैट, सॉल्ट एवं शुगर (एचएफएसएस) वाले जंक फुड के इस्मेताल पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है. सीबीएसइ के सचिव जोसेफ इमेन्येल ने 6 जनवरी के निर्देश का अनुपालन कठोरता से करने को कहा है. अब दो सौ मीटर के दायरे में इसके बिक्री पर रोक के साथ-साथ नियमित लंच बॉक्स के निरीक्षण का निर्देश जारी किया है. फास्ट फुड का बढ़ा है प्रचलन स्कूली बचें के लंच बॉक्स में प्राय: फास्ट फुड देखा जा रहा है. वहीं स्कूलों के कैंटिन में अथवा आस-पास के दुकानों पर भी बच्चों को फास्ट फुड का इस्तेमाल की प्राथमिकता रहती है. यह जितना लजीज होता है उतना ही बच्चों के शारीरिक, मानसिक अथवा बौद्धिक विकास में भी बाधक होता है. यह बच्चों के विकास को अवरूद्ध करता है जिससे बच्चों के मानसिक संतुलन पर गहरा आघात का भी खतरा रहता है. पहले माताएं अपने बच्चों को लंच बॉक्स में रोटी, पराठे, पुरी के साथ शब्जी दिया करती थी, अब स्थिति ऐसी है कि बच्चों के पसंद का ख्याल रखकर पीजा, बर्गर, समोसे, नुडल्स आदि दिया जाता है. ये हैं हाइ फैट, शुगर व सॉल्ट(एचएफएसएस) वाले फुड महिला एवं बच्चों के विकास का मंत्रालय के जारी रिपोर्ट में बच्चों को जंक फुड के स्थान पर हेल्दी स्नैक्स देने पर बल दिया है. रिपोर्ट में चिप्स, फ्राइट फुड, नुडल्स, पिज्जा, बर्गर, पोटैटो फ्राई, चॉकलेट, कैंडी, समोसा, ब्रेड पकौड़ा आदि को एचएफएसएस फुड बताया गया है तथा सीबीएसइ ने इसके उपयोग पर पाबंदी लगाया है. नियमित होगा लंच बॉक्स का निरीक्षण सीबीएसइ ने स्कूल प्रशासन को स्कूली बच्चों को लगातार बच्चों के लंच बॉक्स का निरीक्षण करने को कहा है. इस दरम्यान इसके उपयोग के प्रति जागरूकता को भी बढ़ाने का निर्देश जारी किया है. 200 मीटर के दायरे में नहीं मिलेगा जंक फुड सीबीएसइ से संबद्ध स्कूलों के 200 मीटर के दायरे में इस तरह के फुड के विक्रय पर रोक लगाने का प्रयास भी करने को कहा है. इसका तात्पर्य यह है कि इस दायरे में बेचने पर पाबंदी को लेकर जिला प्रशासन से मिलकर कार्य करने को कहा है. 7-10 सदस्यीय कमेटी रखेगा निगरानी इसका अनुपालन के लिए प्रत्येक विद्यालय में 7-10 सदस्यीय कमेटी बनाना होगा. इसमें सभी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह इस तरह के फुड का निगरानी रखेंगे तथा इसका उपयोग मानक के अनुरूप काम करना होगा. बॉक्स:::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::इस तरह का बीमारी का है खतरा रिपोर्ट में लंबे समय तक इस तरह के जंक फुड से टाइप टू डायबिटीज, हाइपरटेंशन, डायस्लीपीडेमिया, क्रोनिक इंफेलेमेशन, हाइपरसुलनेमिया आदि बीमारी का खतरा बना रहता है जो बच्चों के शारीरिक तथा मानसिक विकास के लिए बेहद खतरनाक होते हैं. इस तरह बचाव करने के निर्देश दो सौ मीटर के दायरे में इसके बिक्री पर रोक लंच बॉक्स का नियमित निरीक्षण स्कूल कैंटिन में इसके उपयोग पर रोक7-10 सदस्यीय कमेटी से निगरानी जागरूकता के प्रयास शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में मुद्दा को शामिल कक्षा 1-10 तक के छात्रों का 40-45 मिनट का शारीरिक गतिविधिकक्षा 11-12 के लिए 90-120 मिनट का खेल-कूद योगा को प्रोत्साहित करने का प्रयास
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