समस्या सुलझाने को आयें हेल्प लाइन

Published at :09 Jan 2016 7:24 PM (IST)
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समस्या सुलझाने को आयें हेल्प लाइन

समस्या सुलझाने काे आयें हेल्प लाइन ट्विट से परेशान रेल महकमा ने किया अनुरोधप्रचार-प्रसार के लिए डीआरएम को निर्देशफोटो. रेलवे का लोगो लगा देंदरभंगा. रेलवे ने यात्रियों से अपनी समस्या के निराकरण के लिए पहले हेल्प लाइन के उपयोग का आग्रह किया है. इसके लिए अलग-अलग विभागोें के लिए अलग-अलग हेल्प लाइन नंबर जारी किया […]

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समस्या सुलझाने काे आयें हेल्प लाइन ट्विट से परेशान रेल महकमा ने किया अनुरोधप्रचार-प्रसार के लिए डीआरएम को निर्देशफोटो. रेलवे का लोगो लगा देंदरभंगा. रेलवे ने यात्रियों से अपनी समस्या के निराकरण के लिए पहले हेल्प लाइन के उपयोग का आग्रह किया है. इसके लिए अलग-अलग विभागोें के लिए अलग-अलग हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है. इस नंबर के प्रचार-प्रसार के लिए सभी मंडल रेल प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार रेलमंत्री व इस तरह के अधिकारियों को ट्विटर हेंडल पर ढेरों पोस्ट आ रहे हैं. इसमें सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि ट्विट के बाद सामान्यतया यात्री इसकाे फाॅलो नहीं करते. लिहाजा रेलवे की ओर से दी जानकारी या सूचना के बारे में वे नहीं जान पाते. इससे समस्या के निराकरण में विभाग को परेशानी होती है. रेल सूत्रों का कहना है कि इसमें कई शिकायतें फर्जी भी रहती हैं. ऐसे में महकमा का श्रम जाया चला जाता है. रेलवे बोर्ड का कहना है कि इसमें अधिकांश ऐसे मामले होते हैं, जिनका निदान हेल्प लाइन के सहारे सहजता से हो सकता है. इसलिए यात्री पहले इसका ही इस्तेमाल करें. इससे काम नहीं होने पर ही ट्विट करें. वैसे हेल्प लाइन पर दर्ज शिकायतों के निष्पादन के प्रति विभाग पूरी तरह गंभीर है. लिहाजा यात्रियों को इससे आगे जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. इसके लिए यात्रियों को कुछ साकांक्ष भी रहना होगा. खासकर रेलवे की ओर से आने वाले फोन को निश्चत तौर पर एटेंड करें. साथ ही अन्य माध्यम से आने वाली सूचनाओं को भी फाॅलो करें. वैसे अगर ट्विटर का सहारा लेते हैं तो संबंधित विभाग के बारे में पहले हैस देने के बाद उस विभाग का नाम लिखकर ही अपनी समस्या अंकित करें. यथा मेडिकल के लिए हैश मेडिसीएल, खानपान के लिए हैश कैटरिंग, आइआरसीटीसी व सिक्यूरिटी के लिए भी इसी तरह ही लिखना चाहिए.ये हैं हेल्प लाइन नंबरपीएनआर स्टेटस व ट्रेन टाइमिंग- 139चोरी, सामान छूटने, महिला यात्रियों से छेड़खानी- 182अनधिकृत रूप से विकलांग व महिला बोगी में प्रवेश- 1800111322गुणवत्ता व मूल्य (खान-पान)-1800111321

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