प्रमुख की गिरफ्तारी से दो खेमे में बंटे पंस

Published at :09 Jan 2016 6:52 PM (IST)
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प्रमुख की गिरफ्तारी से दो खेमे में बंटे पंस

प्रमुख की गिरफ्तारी से दो खेमे में बंटे पंसप्रमुख खेमे के पंसस ने गिरफ्तारी पर जताया असंतोष बहेड़ी. इंजीनियर दोहरे हत्याकांड में प्रमुख मुन्नी देवी एवं उनके पति संजय लाल देव की गिरफ्तारी की खबर प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा. कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने गिरफ्तारी को जायज बताया, तो कुछ ने कहा […]

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प्रमुख की गिरफ्तारी से दो खेमे में बंटे पंसप्रमुख खेमे के पंसस ने गिरफ्तारी पर जताया असंतोष बहेड़ी. इंजीनियर दोहरे हत्याकांड में प्रमुख मुन्नी देवी एवं उनके पति संजय लाल देव की गिरफ्तारी की खबर प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा. कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने गिरफ्तारी को जायज बताया, तो कुछ ने कहा कि पुलिस अपनी नाकामी छिपाने के लिए यह कार्रवाई की है. प्रखंंड प्रमुख एवं उसके पति के दरभंगा स्टेशन से गिरफ्तार किये जाने की सूचना बहेड़ी प्रखंड में जंगल की आग की तरह फैल गयी. लोग इसके बारे में जानने के लिए एक दूसरे को फोन करते रहे. जनप्रतिनिधयों ने प्रमुख की गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है. प्रमुख के खेमे की पंसस कविता देवी, प्रेममाया देवी, शशिरंजन कुमार, भवन ठाकुर, उमेश राम आदि ने कहा कि पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए यह गिरफ्तारी की है. प्रमुख का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है. पुलिस की ओर से उन्हें संतोष की बहन करार देने के कारण वे घटना के कई दिनों बाद मीडिया एवं पुलिस से बात करने से कतरा रही थी. वही दूसरी ओर प्रमुख की जाति को लेकर पिछले साल आमरण अनशन पर बैठे पंसस बैघनाथ यादव ने कहा कि जब इस मामले में संतोष झा का शूटर की संलिप्तता जग जाहिर हो गयी है, तो मुन्नी देवी कब तक अपने को संतोष की बहन नहीं बताती रहेगी. निर्मला देवी, सविता देवी, चन्द्रभूषण सिंह आदि सदस्यों ने प्रमुख की गिरफ्तारी पर असंतोष जाहिर किया.मुखिया की हत्या से सुर्खियों में आये थे प्रमुख पति बहेड़ी. प्रमुख पति संजय लाल देव अपने ही गांव के मुखिया कुमार कल्याण झा की 1999 में दिन दहाड़े हुई हत्या के बाद सुर्खी में आ गये. एमसीसी ने उस समय उनकी हत्या दिन के ठीक एक बजे कर दी जब वे अपनी खेत में गेहूं में पटवन करा रहे थे. हालांकि इस कांड में संजय का नाम नहीं आया. फिर भी वे भूमिगत हो गये. इसी दौरान उनके शिवहर जिला के पुरनहिया थाना अर्न्तगत दोस्तिया गांव के मोस्टवांटेड संतोष झा की शरण में जाने की चर्चा रही. जहां कथित रूप से संतोष की बहन मुन्नी से आंखें चार होने पर दोनों ने शादी कर ली. स्थिति सामान्य होने के बाद संजय ने एमसीसी से तौबा कर जिला प्रशासन के समक्ष आत्मसर्पण कर दिया. इसके बाद एक ऑटो खरीद कर दोनों अपना जीवन बसर करने लगे. धीरे-धीरे छोटे-मोटे ठेकेदारी के बाद वे जेदयू के एक वरिष्ठ नेता के संपर्क में आ गये. जिसका फायदा उसने पूरी देवहर जाति को भी दिला दिया. राज्य सरकार ने देवहर जाति को बीसी वन से बीसी टू में डाल दिया. इसी वजह से बीसी टू के लिए आरक्षित इस सीट पर उनकी पत्नी मुन्नी प्रखंड प्रमुख बन गयी.दो साल में भी प्रशासन नहीं सुलझा सका प्रमुख की जाति की गुत्थी बहेड़ी. प्रमुख मुन्नी देवी एवं उनके पति को इंजीनियर दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार कर लिया कि मुन्नी देवी संतोष झा की बहन है. इस हत्याकांड में संतोष झा के गुर्गे मुकेश पाठक, विकास झा आदि के नाम आने के बाद पुलिस के निशाने पर प्रमुख आ गयीं, लेकिन मुन्नी देवी संतोष झा की बहन है कि नहीं इसे सुलझाने में जिला प्रशासन को दो साल बाद भी कामयाबी नहीं मिली है. बहेड़ी पश्चिमी के पंसस बैघनाथ यादव ने इसको लेकर बीडीओ से कमिश्नर तक साक्ष्य के साथ आवेदन देकर मुन्नी को ब्राह्मण करार देते हुए बीसी टू के लिए आरक्षित प्रमुख पद से बरखास्त करने की मांग की. लेकिन उनकी मांग पर सुनवाई नहीं होने के बाद श्री यादव 11 मार्च 2015 को ब्लॉक पर आमरण अनशन पर बैठ गये.अनशन के तीसरे दिन सदर एसडीओ ने एक हफ्ते के भीतर जाति संबंधी विवाद का समाधान करने का आश्वासन देकर अनशन तोड़वा दिया, लेकिन दस महीने बाद भी प्रमुख की जाति निर्धारित करने में प्रशासन विफल रहा है. पंसस श्री यादव ने शिवहर जिला के पुरनहिया थाना के दोस्तिया गांव के मध्य विघालय से निर्गत मुन्नी देवी के स्थानांतरण प्रमाण पत्र की छाया प्रति संलग्न करते हुए यह बताने की कोशिश की कि वे दोस्तिया गांव के चन्द्रशेखर झा एवं रुक्मिनी देवी की संतान हैं. पंचायती राज अधिनियम के अनुसार महिला किसी भी जाति एवं धर्म के लोगों के साथ विवाह कर सकती है, लेकिन उसकी जाति वही रहेगी, जिस जाति में उसका जन्म हुआ है. उसके बच्चे पति के जाति के कहलाएंगे. वहीं दूसरी ओर वैघनाथ यादव के आवेदन के जवाब में प्रमुख ने पूरे साक्ष्य के साथ अपने को एपीएम थाना के मानोरथा गांव के लालबाबू लाल देव की बेटी करार दिया. उन्होंने विवाह निबंधन प्रमाण पत्र में विवाह की तिथि 2 मई 2007 दर्शाया है. पहले ही गिरफ्तार हो चुका है प्रमुख का देवर बहेड़ी. प्रमुख पति संजय लाल देव, दिनेश लाल देव के बड़े बेटे हैं. दिनेश लाल देव भी संजय की तरह तीन भाई है. इसी में मझले भाई के बेटे पिंटू लाल देव को पुलिस ने लाइनर बता कर इंजीनियर हत्या कांड में पहली गिरफ्तारी की. जिसके बाद संजय एवं मुन्नी भी भूमिगत हो गये. संजय सबसे बड़े हैं. उसके छोटे विजय एयर फोर्स में है. सबसे छोटा अभी पढ़ाई ही कर रहा है. कमा खटा कर श्री देव ने अपना आशियाना पैतृक डीह से हटकर एसएच 88 के समीप बना लिया. जहां से घटना स्थल की दूरी ढाई सौ मीटर से अधिक नहीं होगी. लेकिन इस घटना के बाद घर में अभी दिया जलाने वाला भी कोई नहीं है.

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