नौकरी बांटने का फैक्टरी बनकर रह गया है बिहार : शक्षिामंत्री

Published at :23 Dec 2015 6:52 PM (IST)
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नौकरी बांटने का फैक्टरी बनकर रह गया है बिहार : शक्षिामंत्री

नौकरी बांटने का फैक्टरी बनकर रह गया है बिहार : शिक्षामंत्री फोटो संख्या- 15 व 16परिचय- नागेंद्र झा कॉलेज में संबोधित करते शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, भूमि सुधार मंत्री मदन मोहन झा, बहादुरपुर विधायक भोला यादव व अन्य दरभंगा . प्रदेश के शिक्षा […]

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नौकरी बांटने का फैक्टरी बनकर रह गया है बिहार : शिक्षामंत्री फोटो संख्या- 15 व 16परिचय- नागेंद्र झा कॉलेज में संबोधित करते शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, भूमि सुधार मंत्री मदन मोहन झा, बहादुरपुर विधायक भोला यादव व अन्य दरभंगा . प्रदेश के शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार नौकरी बांटने का फैक्टरी बनकर रह गया है. हर किसी को केवल नौकरी चाहिए. शिक्षा पर खर्च करने के मामले में देश स्तर पर बिहार का पांचवां स्थान है, जबकि शिक्षा में गुणवत्ता प्रदान करने के मामले में प्रदेश को 26 वां स्थान है. वे बुधवार को लहेरियासराय स्थित डॉ नागेंद्र झा महिला कॉलेज की ओर से डा. नागेंद्र झा की 13वीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह को बतौर उद्घाटनकर्ता संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा के बजट पर 25 प्रतिशत खर्च करने के बावजूद शिक्षा में गुणवत्ता नहीं आ रही है तो इसके लिए कोई न कोई तो जिम्मेवार जरूर है. या तो सरकार की नीति गलत है या पढ़ाने वाले या फिर पढ़ने वाले. डॉ चौधरी ने कहा कि बिहार में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. यही के छात्रा जब प्रदेश के बाहर निकलते हैं तो इनकी प्रतिभा निखर कर सामने आती है. लेकिन उसी छात्रों को प्रतिभा अपने प्रदेश में नहीं निखर पाती है. उन्होंंने कहा कि जिन शिक्षकों का तनख्वाह मिलती है, वो पढ़ाते नहीं और कहते हैं कि छात्र नहीं पढ़ने आते हैं. वही छात्र कहते हैं कि शिक्षक नहीं पढ़ाते हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई आवेदन मेरे पास नहीं आया है कि किसी स्कूल में लाइब्रेरी नहीं है या शौचालय नहीं है. लेकिन अधिकांश मांगे इस तरह की आयी है कि मुझे प्रमोशन नहीं मिला है, मेरी नियुक्ति नहीं हुई है. इसमें सुधार के लिए शिक्षा के मूलभूत संरचनाओं को बदलने की जरूरत है. इसके सुधार के लिए जन आंदोलन की जरूरत है. सूबे के मंत्री ने कहा कि शिक्षा में सुधार के बाबत नया बिहार निर्माण के लिए सबों को त्याग करना होगा. उन्होंने कहा कि केवल सरकार के बदौलत शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है. हालांकि उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए प्रधान सचिव को खुद प्रदेश स्तर पर काउंसिल गठित करने का प्रस्ताव दिया है जिसमें सभी स्तर का प्रतिनिधित्व हो और उसमें अपनी सुझाव रखने का अवसर दिया जाय. उस सुझाव की समीक्षा कर उसका अनुपालन किया जाये. उन्होंने कहा कि मैंने कुलाधिपति से मिलकर उच्च शिक्षा में सुधार के बाबत चर्चा की है. तथा बिहार के भविष्य के निर्माण में सहयोग देने का आग्रह किया है. मंत्री ने कहा कि इसके आलोक में कुलाधिपति ने 18 जनवरी को प्रदेश के सभी कुलपतियों की बैठक बुलायी है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण सुधार के बाबत चर्चा होगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मैट्रिक, इंटर की परीक्षा के दौरान जहां-जहां चोरी चली थी, वहां के स्कूल-कॉलेज के कर्मी पर 15 दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. शिक्षकों को भी हिदायत दी जायेगी कि वो छात्रों की पूरी सिलेबस के अनुसार पढ़ाई पूरी करावें तथा छात्रों को 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरा करवायें बगैर परीक्षा में फाॅर्म भरने पर रोक लगायी जाये. उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षा कर्मियों के बकाये एवं पेंशनादि भुगतान के बाबत कहा कि राज्य सरकार एक कैलेंडर बनाने जा रही है. उसके अनुसार सभी का भुगतान होगा और उस कैलेंडर का अनुपालन सरकार कड़ाई से करेगी.समारोह के मुख्य अतिथि बहादुरपुर के राजद विधायक भोला यादव ने कहा कि डॉ नागेंद्र झा के मंत्रित्व काल में बिहार शिक्षा के क्षेत्र में काफी विकास किया. बावजूद इसके बढ़ती हुई जनसंख्या के हिसाब से बिहार के गांवों में नारी शिक्षा को बढ़ाने के लिए हाइस्कूल एवं मिडिल स्कूल का घोर अभाव है. उन्होंने मंत्री से तोहफे के रूप में मांग किया कि कम से कम प्रत्येक पंचायत में 10 प्राथमिक विद्यालय से मध्य विद्यालय एवं पांच मध्य विद्यालय से उच्च विद्यालय में उत्क्रमित करने की घोषणा करें. वहीं वित्त रहित शिक्षा कर्मियों पर सरकार की ओर से ठोस नीति बनाने, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को अंगीभूत इकाई बनने तक इनके अनुदान में बढ़ोत्तरी किये जाने तथा अर्हता पूरी करने वाले संबद्ध कॉलेजों को अंगीभूत इकाई में परिवर्तित करने तथा भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ मदन मोहन झा से मांग किया कि गांववार कैलेडर बनाकर शिविर के माध्यम से कृषकों को दाखिल खारिज एवं राजस्व का रसीद उपलब्ध करवायें. कार्यक्रम में भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ मदन मोहन झा, विधायक प्रो अमिता भूषण, प्रभारी कुलपति प्रो सैयद मुमताजुद्दीन, पूर्व कुलपति डॉ एसपी सिंह, डॉ एसएम झा, कुलसचिव डॉ अजीत कुमार सिंह, रूसा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ कामेश्वर झा, डॉ टुनटुन झा अचल सहित अन्य मौजूद थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो सैयद मुमताजुद्दीन एवं धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ अजित कुमार सिंह ने किया. कार्यक्रम का संचालन प्रो सुवीर चंद्र मिश्र एवं स्वागत भाषण महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ ऋषि कुमार राय ने किया.

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