योजना के लिए भटक रहे हैं एड्स पीडि़तों के बच्चे
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :21 Dec 2015 1:59 AM
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दरभंगा : सरकार ने एड्स रोगियों के हितैषी परवरिश योजना एक साल पूर्व चालू किया था ताकि उनके बच्चे 18 साल तक प्रतिमाह 1000 रुपये के अनुदान से पठन-पाठन कर सके ओर समाज के मुख्यधारा से जुटें. इसमें मात्र अभी तक 192 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल पाया है. शेष 1300 मरीजों के […]
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दरभंगा : सरकार ने एड्स रोगियों के हितैषी परवरिश योजना एक साल पूर्व चालू किया था ताकि उनके बच्चे 18 साल तक प्रतिमाह 1000 रुपये के अनुदान से पठन-पाठन कर सके ओर समाज के मुख्यधारा से जुटें. इसमें मात्र अभी तक 192 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल पाया है. शेष 1300 मरीजों के बच्चे इस योजना का लाभ लेने के लिए भटक रहे हैं.
क्या है योजना
बिहार राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के तहत एड्स पीडि़तों के 18 साल तक के बच्चों को प्रतिमाह 1000 रुपये मासिक अनुदान देना है. यह भुगतान बच्चे और उनके परिजनों के संयुक्त खाते से करना है. यह लाभ वैसे बच्चों को ही देना है, जिनके माता-पिता एंटी रेटो थेरेपी(एआरटी) में निबंधित है और वैसे एड्स पीडि़तों की मौत हो चुकी है.
कितने को नहीं मिला लाभ
डीएमसीएच के एआरटी में 1500 मरीजों को इस योजना का लाभ देना है लेकिन इसमें 1200 मरीजों के बच्चे ही लाभ पा सकते हैं. कई तकनीकी कारणों से एड्स पीडि़त के 404 बच्चे को ही क्लिन चिट दी गयी. अंतत: 192 ही बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सका.
इस योजना के लाभ के कई रोड़े हैं. एआरटी का सीएससी यूनिट ने 6 माह से एआरटी को लाभान्वित होने वाले बच्चों की रिपोर्ट नहीं दी है. सीएससी ने जिन बच्चों की रिपोर्ट दे दी है वैसे 74 बच्चों के लाभ का आवेदन एसडीओ कार्यालय में पड़ा हुआ है. इसके साथ अन्य बच्चों का खाता कई बैंकों में खोलने से इंकार कर दिया है. प्रभारी एआरटी सह एचओडी डॉ बीके सिंह ने बताया कि उनके कार्यालय की ओर से कोई परेशानी नहीं है. जो भी एड् पीडि़तों का निबंधन है वैसे बच्चों को कार्रवाई के लिए अगले प्रक्रिया के लिए भेजा जा चुका है. अभी 192 बच्चों को इसका लाभ मिल रहा है.
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