\\\\टं३३ी१त्र/ू/रघर से शुरु करें एकता का पाठ

Updated at :09 Dec 2015 9:29 PM
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\\\\टं३३ी१त्र/ू/रघर से शुरु करें एकता का पाठ \\\\टं३३ी१त्र/रएकता एवं अखंडता में शिक्षक की भूमिका पर रखा विचारसर्वोदय उच्च विद्यालय में आयोजित हुए सेमिनारफोटो-10 व 11परिचय- एकता दिवस पर संबोधित करते मुख्य अतिथि मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डा. मुश्ताक अहमद एवं उपस्थित छात्र छात्राएंदरभंगा : देश मेें विभिन्न धर्म, सम्प्रदाय एवं संस्कृति का विखराव रोकने में […]

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\\\\टं३३ी१त्र/ू/रघर से शुरु करें एकता का पाठ \\\\टं३३ी१त्र/रएकता एवं अखंडता में शिक्षक की भूमिका पर रखा विचारसर्वोदय उच्च विद्यालय में आयोजित हुए सेमिनारफोटो-10 व 11परिचय- एकता दिवस पर संबोधित करते मुख्य अतिथि मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डा. मुश्ताक अहमद एवं उपस्थित छात्र छात्राएंदरभंगा : देश मेें विभिन्न धर्म, सम्प्रदाय एवं संस्कृति का विखराव रोकने में शिक्षकों की भूमिका अहम है. शिक्षक अंधकार से प्रकाश, अनुचित से उचित, समाज में बौद्धिकता, नैतिकता एवं भौतिकता का सही ज्ञान दिलाने का काम करता है. भावी पीढ़ी को एकता एवं अख्ंाडता कायम करने की शिक्षा शुरु से ही दे, तो इस विखराव को रोका जा सकता है. ये बातें राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के समाज शास्त्र के प्रोफेसर डा. गोपी रमण प्रसाद सिंह ने कही. उन्होंने इसकी शिक्षा घर से शुरु करने को कहा. सर्वधर्म सम्भाव को मूलमंत्र बताते हुए कहा कि बच्चे घर से निकलकर स्कूल पहुंचते हैं. वहां शिक्षक उनके माता पिता के समान होते हैं. बच्चे उनके आदर्श होते हैं. जिनकी एक-एक बात उनके जेहन में उतर जाता है. इस स्थिति में शिक्षकों के प्रत्येक क्रियाकलाप का उनपर प्रभाव पड़ता है. उद्घाटन उद्बोधन में मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डा. मुश्ताक अहमद ने इस आज के संदर्भ में प्रासंगिक बताते हुए कह ाकि एकता की कड़ी से ही अखंडता की रक्षा संभव है. सभी धर्मावलंबी एवं जातियो को एक दूसरे को स्वीकार करना चाहिए. उन्होंने सर्वधर्म कुटुम्बकम की प्राचीन रीति पर चलने की जरुरत को रखा. अध्यक्षीय उद्बोधन में राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाचार्य डा. जगदीश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है, देश की भावी पीढ़ी को नई दिशा दे सकते हैं. शिक्षकों के द्वारा पढ़ाया गया एकता का पाठ देश की अखंडता कायम करने में महत्वपूर्ण है. संगोष्ठी का संचालन डा. संजीव कुमार झा ने की. इस मौके पर कन्हैया प्रसाद, ललित कु मार चौधरी, रामनारायण सिंह, शगुफ्ता, सीएम पोद्दार, संतोष कुमार मिश्र, संघ के प्रमंडलीय सचिव बासूकी नाथ झा आदि ने भी विचार व्यक्त किये. धन्यवाद ज्ञापन मो. साबिर अली ने किया.

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