जांच में मिली अनियमितता ने उठाये कई सवाल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Nov 2015 8:00 PM
जांच में मिली अनियमितता ने उठाये कई सवाल कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सुविधाओं का टोटा बहेड़ी : सरकार पिछड़े प्रखंडों में अजा, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समुदाय के बालिकाओं को गुणवत्तापुर्ण शिक्षा के लिए कस्तुरबा बालिका विद्यालय की सुविधा भले ही दे दी लेकिन इस प्रखंड का यह विद्यालय शिक्षा विभाग के लिए लिए कामधेनु […]
जांच में मिली अनियमितता ने उठाये कई सवाल कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सुविधाओं का टोटा बहेड़ी : सरकार पिछड़े प्रखंडों में अजा, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समुदाय के बालिकाओं को गुणवत्तापुर्ण शिक्षा के लिए कस्तुरबा बालिका विद्यालय की सुविधा भले ही दे दी लेकिन इस प्रखंड का यह विद्यालय शिक्षा विभाग के लिए लिए कामधेनु साबित हो रहा है. जिसमें छात्राओं को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखने का मामला सामने आया. जबकि इस विद्यालय में सरकार एक वर्ष में लाखों का खर्च का दावा कर रही है. 24 नवम्बर को विवादों से घिरे इस विद्यालय का जांच के लिए पहुंचे शिक्षा विभाग की टीम के सामने कई अनियमितता का खुलासा हुआ. टीम में डीपीओ स्थापना दिनेश साफी, डीपीओ योजना एवं लेखा सुधीर कुमार झा,पीओ सुनीता सुमन एवं डीईओ कार्यालय के एचसी सृष्टि नारायण झा ने इस विद्यालय के संचालन की कई सुविधाओं से रु बरु हुए. जिसमें जनरेटर धूल फांक रही थी, बच्चों की रोषनी की सुविधा आंगन में लगी सोलर लाईट से दिया जा रहा था. इसके अलावे ग्रामीणों एवं आसपास के अभिभवकों से पूछताछ में टीम के सामने छात्राओं का बिछावन घर से लाने, विद्यालय में किसी प्रकार का समारोह एवं क्षेत्र भ्रमण की सुविधा से वंचित रखने , शिक्षण सामग्री एवं स्टेशनरी की सुविधा नहीं मिलने, बीमार बच्चों को समुचित चिकित्सा की सुविधा नही देने एवं नाईट गार्ड की नियुक्ति कागज पर ही रखने के अलावे छात्राओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण से वंचित रखने का मामला सामने आया. टीम ने छात्राओं की उपस्थिति को लेकर मध्य विद्यालय के एचएम से भी पूछताछ की जिसमें विद्यालय में 25 से 30 छात्रा रहने की बात सामने आयी. करीब तीन घंटे जांच एवं पूछताछ के बाद आये लेखापाल राजेश कुमार से टीम ने अभिलेखों की मांग करते ही वह टीम को चकमा देकर भागने में कामयाब रहे. बताया जाता है कि सरकार इस विद्यालय पर पटना के सतभामा एनजीओ के माध्यम से एक वर्ष में तीन लाख से अधिक राशि खर्च कर रही है लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण बच्चों को बुनियादी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है. इसको लेकर टीम ने विद्यालय को सील कराते हुए कहा कि वे अपनी रिपोर्ट डीएम को देंगे. उनके आदेशनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










