डीएमसीएच में बगैर डॉक्टरों की तैनाती के कैसे होगी छात्रों की पढाई

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Nov 2015 9:10 PM

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दरभंगा : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को डीसीएम का गहन निरीक्षण किया. टीम के द्वारा निरीक्षण किये जाने से अस्पताल में हड़कंप मच गया. एमसीआई टीम के आने की सूचना पर अवकाश पर चल रहे दूर दराज के चिकित्सक हांफते डीएमसीएच पहुंचे. देर सबेर डॉक्टर एमसीआई टीम के […]

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दरभंगा : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को डीसीएम का गहन निरीक्षण किया. टीम के द्वारा निरीक्षण किये जाने से अस्पताल में हड़कंप मच गया. एमसीआई टीम के आने की सूचना पर अवकाश पर चल रहे दूर दराज के चिकित्सक हांफते डीएमसीएच पहुंचे.

देर सबेर डॉक्टर एमसीआई टीम के समक्ष पेश हुए. तब तक टीम कई विभागों का जायजा ले चुकी थी. यह टीम एमबीबीएस की सीटों में हुई वृद्धि को लेकर दो दिवसीय निरीक्षण करने के लिए पहुंची है. पहले दिन के निरीक्षण में कई विभाग के डॉक्टरों को टीम ने बेबाक कहा कि अगर विभाग में तय समय पर डॉक्टर नहीं आयेंगे तो ऐसे में कैसे मेडिकल छात्रों की पढाई होगी.

बगैर सूचना के पहुंची एमसीआई टीम एमसीआई की टीम सोमवार की सुबह करीब साढे नौ बजे डीएमसी के प्रशासनिक भवन पहुंची. प्राचार्य डा. आरके सिन्हा छुट्टी पर थे. टीम ने प्रभारी प्राचार्य डा. चितरंजन राय और अस्पताल अधीक्षक डा.एसके मिश्रा से साथ वार्डो और विभागों का निरीक्षण किया. टीम करीब बारह बजे दिन तक निरीक्षण करते रही.

उधर एक सदस्य लेक्चर थियेटर में प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, सह प्राध्यापक, ट्यूटर और पीजी डॉक्टरों की नियुक्ति से लेकर प्रोन्नति से संबंधित आवश्यक जांच में जुटी रही.टीम के आने से मचा हड़कंप टीम को डीएमसीएच में पहुंचते ही अधिकारियों से लेकर डॉक्टरों में हड़कंप मच गया. कई अधिकारियों ने अपने अपने विभागों के डॉक्टरों को तैनात होने का निर्देश मोबाइल पर देने में जुट गये. इधर प्राचार्य और मेडिसीन विभाग के अध्यक्ष डा.बीके सिंह छुट्टी पर थे.

वे भी आउट ऑफ स्टेशन से दरभंगा पहुंचे. फरार कई डॉक्टर पर भागते-भागते वार्ड आये.दो सदस्यी टीम ने किया विभागों का निरीक्षण टीम के दो सदस्यों ने विभागों का निरीक्षण किया. कई विभागों में डॉक्टर गायब मिले. हृदय रोग विभाग में डॉक्टरों की काफी कमी थी. इसको लेकर टीम ने डॉक्टरों से बेबाक कहा कि जब यहां के डॉक्टरों की तैनाती नहीं रहेगी तो ऐसे में छात्रों की पढाई कैसे होगी.

टीम के सदस्यों ने विभाग में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के छात्रों की खोजबीन की जहां एक भी छात्र नहीं पाये गये. इसके अलावा टीम ने विभागों के सेमिनार हॉल, लाईब्रेरी व पठन पाठन के अत्याधुनिक तरीके का भी जायजा लिया. सिर्फ सुबह की पाली में आते हैं डॉक्टरवार्डों के निरीक्षण के दौरान टीम को मरीज के परिजनों ने बताया कि सुबह की पाली में तो डॉक्टर आते हैं किंतु शाम की पाली में नहीं आते. दिन में मात्र एक बार डॉक्टरों का दर्शन हो पाता है.

टीम ने दवा एवं पैथोलॉजिकल जांच के बारे में भी मरीज एवं उसके परिजनों से जानकारी ली.देर शाम तक होती रही डॉक्टरों के कागजातों की जांचएमसीआई की टीम के द्वारा देर शाम तक डॉक्टरों की नियुक्ति, योगदान की तिथि से लेकर अन्य चीजों की जांच की. प्राचार्य डा. आरके सिन्हा की उपस्थिति में यह जांच हुई.

देर शाम तक टीम प्राचार्य के चेम्बर में जांच करते रहे.क्या है मामला एमसीआई ने डीएमसीएच के पीजी में 90 के बजाय 100 सीटों पर नामांकन का आदेश दो साल पूर्व दिया था. लेकिन हिदायत दी गयी थी कि निरीक्षण में अगर पठन पाठन मानक पर नहीं हई तो वृद्धि की गयी सीटों पर पाबंदी लगा दी जायेगी. इसी को लेकर एमसीआई की टीम अब तक तीन बार जांच कर चुकी है.

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