आसमान में छाये रहेंगे बादल, शुष्क रहेगा मौसम

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आसमान में छाये रहेंगे बादल, शुष्क रहेगा मौसम दरभंगा : राजेन्द्र कृषि विवश्विद्यालय पूसा के ग्रामीण मौसम परामर्शी सेवा केन्द्र के द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 11 नवंबर तक आसमान में बादल छाये रहेंगे. हालांकि बारिश होने की संभावना नहीं है. इस दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. पूर्वानुमान की […]

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आसमान में छाये रहेंगे बादल, शुष्क रहेगा मौसम दरभंगा : राजेन्द्र कृषि विवश्विद्यालय पूसा के ग्रामीण मौसम परामर्शी सेवा केन्द्र के द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 11 नवंबर तक आसमान में बादल छाये रहेंगे. हालांकि बारिश होने की संभावना नहीं है. इस दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. पूर्वानुमान की अवधि में कभी-कभी हल्के बादल आ सकते हैं. हालांकि उत्तर बिहार के जिलों में मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इस अवधि में औसतन 4 से 8 किलोमीटर मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पूरवा हवा चलने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 29-31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. धान की कटनी को दें उच्च प्राथमिकताकिसानों के लिए जारी समसामयिक सुझाव में कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि धान की कटनी तथा दौनी के कार्य को उच्च प्राथमिकता देकर पूरा करने का प्रयास करें. गेंहूं एवं चना की बुआई के लिए खेतों की तैयारी शुरु करें. खेत की तैयारी के समय 150-200 क्विंटल कम्पोस्ट प्रति हेक्टर की दर से प्रयोग करें. खेतों मेंे अंकुरण के लायक नमी बनाये रखने के लिए प्रत्येक जुताई के बाद पाटा अवश्य चला दें. आलू रोप के लिए कुफरी चन्द्रमुखी, कुफरी अशोका, कुफरी पुखराज, कुफरी बादशाह, कुफरी लालीमा, कुफरी ज्योति तथा राजेन्द्र आलू-2 आदि अनुशंसित किस्मों की बुआई करें. रोपनी के पहले आलू के कन्द को बैवस्टीन 0़ 01 प्रतिशत (1 से 1़5 ग्राम प्रति लीटर) घोल में उपचारित कर लें. रबी मक्का की बुआई करें. बुआई के लिए संकर किस्में जैसे- शक्तिमान 1, शक्तिमान 2, शक्तिमान 3, शक्तिमान 4, गंगा 11, राजेन्द्र संकर मक्का 1, राजेन्द्र संकर मक्का 2 एवं संकुल किस्में जैसे – देवकी सफेद, लक्ष्मी सफेद, सुआन पीला आदि किस्में इस क्षेत्र के लिए अनुशंसित है. 50 किलो गा्रम नेत्रजन, 75 किलों ग्राम फास्फोरस एवं 50 किलो ग्राम पोटाश, जिंक सल्फेट 25 किलो गा्रम प्रति हेक्टर एवं कम्पोस्ट 100-150 क्विंटल प्रति हेक्टर की दर से प्रयोग करें. मसूर की मल्लिका (के -75), अरुण (पीएल 77-12), केएलएस- 218, एचयूएल- 57, पीएल-5 किस्मों की बुआई करें.बीज को उचित राईजोबियम कल्चर से उपचारित कर बुआई करें. मटर की बुआई करें. रचना, मालवीय मटर-15, अपर्णा, हरभजन, पूसा प्रभात किस्में मटर की अनुसंशित है. राजमा की बुआई करें. राई एवं धनियां की बुआई अतिशीघ्र संमपन्न करें. सब्जियों में निकाई-गुड़ाई एवं आवश्यकतानुसार सिंचाई करें. राई-तोरी-सरसों की फसल जो 20 से 25 दिनों की हो गयी है उसमें निकौनी तथा बछनी कर लें. रबी प्याज की बुआई नर्सरी में करें. इसके लिए एग्रीफाउण्ड लाईट रेड, अर्का निकेतन, एन 2-4-1, नासिक रेड, पूसा रेड एवं भीमाराज किस्में अनुशंसित है. बैगन की फसल में तना छेदक कीड़े लग रहे हैं. नियंत्रण के लिए क्ल्वीनालफॉस 1़5 मिलीमीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. फुलगोभी व पत्ता गोभी वाली फसल में पत्ती खाने वाली कीट (डायमंड बैक मॉथ) की रोकथाम के लिए स्पेनोसेड दवा एक मिलीमीटर प्रति 3 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें.

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