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Darbhanga: खानकाह आलिया समरकंदिया का चार दिवसीय 132वां उर्स ए समरकंदी शुरू

Updated at : 24 Oct 2025 5:54 PM (IST)
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Darbhanga: खानकाह आलिया समरकंदिया का चार दिवसीय 132वां उर्स ए समरकंदी शुरू

सूफी संत हजरत सैय्यद शाह फिदा मोहम्मद अब्दुल करीम उर्फ मौलाना समरकंदी रहमतुल्लाह अलैहे का 132वां उर्स ए मोबारक शुक्रवार से शुरू हो गया.

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दरभंगा. सूफी संत हजरत सैय्यद शाह फिदा मोहम्मद अब्दुल करीम उर्फ मौलाना समरकंदी रहमतुल्लाह अलैहे का 132वां उर्स ए मोबारक शुक्रवार से शुरू हो गया. आयोजन 27 अक्तूबर तक जारी रहेगा. चार दिवसीय उर्स का आयोजन रहमगंज स्थित खानकाह समरकंदिया परिसर में पीर हजरत सैयद शाह शमसुल्लाह जान उर्फ बाबू हुजुर की सदारत में शुरू हुआ. आयोजन में भाग लेने के लिये अकीदतमंदों का आना शुरू हो गया है. खानकाह परिसर में अकीदमंदों के रहने व भोजन की व्यवस्था की गयी है. उर्स में आने वाले अकीदतमंद, रहमगंज से भीका शाह सैलानी परिसर स्थित हजरत मौलाना समरकंदी की मजार पर हाजरी लगा कर अपने व अपनों के लिए दुआ करते हैं. सुबह से देर रात तक लोगों का आना जाना जारी रहता है. कार्यक्रम को लेकर उर्स के मीडिया प्रभारी नादिर खान एवं कार्यालय इंचार्ज आफताब अशरफ ने बताया के शुक्रवार सुबह 09 बजे उर्स का आगाज हो गया. बता दें कि उर्स में दरभंगा सहित देश के कई राज्यों व पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में हर साल लोग पहुंचते हैं. पहले दिन शुक्रवार को बाद नमाज मगरीब, शाम छह बजे फातिहा पढ़ी गयी. शनिवार को बाद नमाज फजर सुबह 06 बजे कुरानखानी होगी. शाम में बाद नमाज असर कुरानखानी होगी. शाम 06 बजे बाद नमाज मगरिब से 132वें उर्स के जलसा का कार्यक्रम शुरू होगा. उर्स के तीसरे दिन रविवार को सुबह 06 बजे बाद नमाज फजर कुरानखानी के बाद सुबह 09 बजे से जलसा होगा, जो दोपहर 12 बजे तक होगा. इसमें मौलानाओं द्वारा तकरीर और शायरों द्वारा नातिया कलाम पढ़ी जाएगी. फिर, बाद नमाज असर शाम 04 बजे कुरआनखानी होगी. जलसा कार्यक्रम के बीच रात 09 बजे से खानकाह आलिया समरकंदिया, रहमगंज में पढ़ने वाले कामयाब बच्चों की दस्तारबंदी बाबू हुजूर के हाथों होगी. इसके बाद फिर से जलसा शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा. जलसा के खत्म होते ही सलाम, फतिहा और दुआएं होगी. सोमवार चौथे और अंतिम दिन सुबह 07 बजे रहमगंज स्थित खानकाह समरकंदिया से हजरत बाबू हुजूर का काफिला अपने मुरीदों और अकीदतमंदों के साथ भठियारीसराय स्थित भीखा साह सैलानी के मजार परिसर पहुंचकर हजरत मौलाना समरकंदी के मजार शरीफ पर चादरपोशी, फातिहा, सलाम और दुआ करेंगे. इसके साथ ही चार दिवसीय उर्स का समापन हो जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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