Darbhanga News: अलीनगर. प्रखंड मुख्यालय स्थित मुख्य बाजार में दो दशक पहले जिला परिषद की राशि व योजना से बना 10 कमरों का व्यवसायिक भवन प्रशासनिक लापरवाही के कारण अतिक्रमित हाे गया है. फिलहाल यह भवन जर्जर अवस्था में पहुंंच गया है. उल्लेखनीय है कि इस भवन का निर्माण वर्ष 2003 में तत्कालीन जिप अधक्ष सफी अहमद के प्रयास से हुआ था. निर्माण के बाद से अभी तक ये कमरे जिला परिषद प्रशासन द्वारा किसी व्यवसायी को आवंटित नहीं किये गये. इससे जिला परिषद के राजस्व की काफी क्षति हुई. उचित रख-रखाव के अभाव में भवन क्षतिग्रस्त हो गया है. मुख्य मार्ग की ओर से बने आठ कमरे स्थानीय लोगों के कब्जे में है. इसमें दुकानें संचालित हो रही हैं. वहीं हाट गाछी की ओर जाने वाली सड़क की ओर बने छोटे दो कमरों में प्रखंड प्रशासन द्वारा जर्जर व कुछ उपयोग करने के लायक मतपेटियां रखी गयी हैं. इस भवन की जर्जर स्थिति व अतिक्रमण का मुद्दा जिपस सुनीता यादव ने गत 20 जुलाई 2022 को जिला परिषद की बैठक में उठाते हुए समाधान की मांग अध्यक्ष से की थी. उन्होंने इस व्यवसायिक भवन के दो दशक से बिना आवंटन के उपयोग करने व जर्जर स्थिति की चर्चा करते हुए इसके जीर्णोद्धार कराने की मांग की थी. कहा था कि लाखों की लागत से निर्मित इस भवन पर प्रशासन की निगाह नहीं जाना घोर लापरवाही है. उन्होंने इस भवन का जीर्णोद्धार करा व्यवसायियों के बीच आवंटित किये जाने की गुहार लगायी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ. इस कमरे में कब्जा कर रह रहे लोगों ने अपने हिसाब से सामने से परिवर्तित भी कर लिया है. इसमें सनमाइका व प्लाइ बोर्ड आदि के प्रयोग से कहीं अच्छा दिख रहा है तो कहीं टाट व जाफरी इसके लुक को खराब कर रहा है.
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