Coronavirus in Bihar : बेहतर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से पहचान में आ रहे हैं मरीज, घरों तक पहुंच रही है दवाई

जिले में हर दिन कोरोना के केस पिछले रिकॉर्ड को तोड़ रहे हैं. लेकिन, अच्छी बात यह है कि जिले में ज्यादातर केस पकड़ में आ रहे हैं. टेस्ट ज्यादा होने से पॉजिटिव मरीजों का पता भी चल रहा है.
पटना. जिले में हर दिन कोरोना के केस पिछले रिकॉर्ड को तोड़ रहे हैं. लेकिन, अच्छी बात यह है कि जिले में ज्यादातर केस पकड़ में आ रहे हैं. टेस्ट ज्यादा होने से पॉजिटिव मरीजों का पता भी चल रहा है. दूसरी ओर सामने आ रहे पॉजिटिव केसों में ज्यादातर वैसे लोग मिल रहे हैं, जो पिछले दिनों किसी संक्रमित के संपर्क में आये थे. यानी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के जरिये इनका पता चल रहा है.
शनिवार को जिले में कुल 9015 लोगों की कोरोना जांच की गयी. इसमें से 8113 ऐसे लोग थे, जो किसी संक्रमित के संपर्क में आ चुके थे. जिला प्रशासन और सिविल सिविल सर्जन कार्यालय की कई टीमें संक्रमित पाये जाने वालों के संपर्क में आने वालों की हर दिन तलाश करती हैं. इस काम के लिए पटना शहरी क्षेत्र में सभी 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्यकर्मियों को लगाया गया है.
एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता पॉजिटिव मरीजों की लिस्ट पाते ही उनके घरों तक जाते हैं और संबंधित मरीज के घर को माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाते हैं. घर पर स्टिकर साटा जाता है, जिसमें जरूरी नंबर और कब-से-कब तक यह माइक्रो कंटेनमेंट जोन रहेगा, इसकी जानकारी लिखी होती है. घर में हाेम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को दवा भी पहुंचायी जाती है.
इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम संबंधित घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ करती है कि उस मरीज के संपर्क में कौन-कौन आया था. संपर्क में आने वालों की लिस्ट बनाकर उनकी कोरोना जांच करवायी जाती है. दूरदराज के इलाकों में जाकर और तेजी से कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए जिले में 12-14 मोबाइल टीम भी बनायी गयी है. इन सभी टीमों के कामों की मॉनीटरिंग वरीय अधिकारियों की ओर से लगातार की जा रही है.
आइआइटी पटना में पांच और छात्र कोविड पॉजिटिव पाये गये हैं. संस्थान में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 29 पर पहुंच गया है. इसमें 27 छात्र, एक शिक्षक और एक कर्मचारी शामिल हैं. संस्थान को सैनिताइज किया जा रहा है.
पटना विवि के कुलपति प्रो गिरीश कमार चौधरी कोरोना पॉजिटिव हो गये हैं. उन्होंने एंटीजन टेस्ट कराया है. हालांकि, उन्हें माइल्ड सिम्पटॉम है. वे आरटीपीसीआर जांच कराने वाले हैं. उसके बाद जांच और स्पष्ट होगा. हालांकि, वे होम क्वारेंटिन हो गये हैं. पीयू डीएसडल्य प्रो एनके झा के अनुसार उन्हें बहुत अधिक परेशानी नहीं है. लेकिन, वे एहतियात बरत रहे हैं. उनके आवास व विवि कार्यालय को सैनिटाइज करवाया जा रहा है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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