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Chhath 2023: इंग्लैंड में चार सौ परिवार एक साथ भगवान सूर्य को देंगे अर्घ्य, भारत से गया है एक-एक सामान

इस पर बोकारो से ताल्लुक रखने वाले संयोजक अजय कुमार बताते हैं कि वर्ष 2022 से पूजा का आयोजन हो रहा है, जिसमें करीब 300 परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी थी. इस वर्ष 100 अतिरिक्त परिवारों के जुटने की पुष्टि की गयी है.

हिमांशु देव, पटना. छठ महापर्व की तैयारी विदेशों में भी देखी जा रही है. महीनों से लोग इस पर्व की तैयारी में जुटे हैं. दरअसल, झारखंड-बिहार के लोग इंग्लैंड के सीड्स शहर में ‘बिहारीस बियॉन्ड बॉउंड्रीज ग्रुप’ के सौजन्य से छठ पूजा का आयोजन कर रहे हैं. वहां, मौजूद हिंदू मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है. बता दें कि, बिहार व झारखंड के करीब 400 परिवार एक ही जगह जुट रहे हैं. वे सभी एक साथ भगवान सूर्य को अर्घ देने की तैयारी में हैं. बिहार में चार दिवसीय छठ की परंपरा की भांति पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से शुरू कर रहे हैं. इस पर बोकारो से ताल्लुक रखने वाले संयोजक अजय कुमार बताते हैं कि वर्ष 2022 से पूजा का आयोजन हो रहा है, जिसमें करीब 300 परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी थी. इस वर्ष 100 अतिरिक्त परिवारों के जुटने की पुष्टि की गयी है.

बच्चों के लिए होगी प्रतियोगिता

प्रभात खबर से बातचीत के दौरान पटना के ऋषिकांत वर्मा ने बताया कि पांच व्रती छठ कर रहे हैं. छठ में उपयोग होने वाले पूजा के सामान मुजफ्फरपुर के स्थानीय बाजार से मंगाया गया है. पूजा की तैयारी हम लोग दो महीने पहले से ही शुरू कर देते हैं. पूजा के लिए सूप, दउरा, आदि भी मंगाये गये हैं. व्रतियों व अन्य लोगों के लिए ठहरने की व्यवस्था भी करायी गयी है. पूजा के आयोजन के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का भी कार्य किया जायेगा. वहीं, निशांत नवीन ने बताया कि पूजा के दौरान बच्चों के लिए छठ पर आधारित चित्रांकन और छठ गीत प्रतियोगिता का आयोजन होगा. साथ ही एनिमेशन के माध्यम से छठ पूजा की कथा व ठेकुआ मेकिंग एक्सपीरियंस की व्यवस्था कर रहे हैं.

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

बता दें कि, ‘बिहारीस बियॉन्ड बॉउंड्रीज’ ने इस वर्ष इंग्लैंड में बिहार व झारखंड की प्रमुख संस्कृति, जैसे-भोजपुरी, मगही, मैथिली और संथाल से जुड़ी अलग-अलग संस्थानों को एक साथ जोड़ने का काम किया है. इस पर पंकज झा बताते हैं कि आयोजन स्थल पर मधुबनी पेंटिंग, छठ के भोजपुरी और मगही गीतों से भरे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे. इसका लुत्फ अन्य राज्यों के लोग भी उठा सकेंगे. सुरक्षा के लिए पूजा के दौरान स्वयंसेवक भी तैनात रहते हैं. साथ ही इंग्लैंड में प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोई महाप्रसाद से वंचित न रह सके. पूजा को सफल बनाने के लिए मनीष व परितोष कुमार भी अपना योगदान दे रहे हैं.

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