Bihar Doctor Strike: बिहार में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल, बेतिया के जीएमसीएच में ओपीडी सेवा ठप, मरीजों के बीच हाहाकार
Published by : Preeti Dayal Updated At : 26 Aug 2025 10:10 AM
बेतिया में डॉक्टर्स की हड़ताल
Bihar Doctor Strike: पूरे बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल कर दी है. बेतिया के जीएमसीएच में ओपीडी काउंटर खाली पड़ा है. मरीजों के बीच हाहाकार मचा है और वे डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं.
Bihar Doctor Strike: बिहार में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण मरीजों के बीच हाहाकार मचा है. बेतिया के जीएमसीएच के साथ पूरे बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में आज से इंटर्न, जूनियर डॉक्टर्स और पीजी डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए हैं. हड़ताल के कारण जीएमसीएच बेतिया में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
डॉक्टर्स का कहना है कि उन्हें फिलहाल बीस हजार रुपये स्टाइपेंड मिलता है. जबकि महंगाई और काम के दबाव को देखते हुए इसे बढ़ाकर चालीस हजार रुपये करने की मांग लंबे समय से की जा रही है. सरकार द्वारा मांग पूरी नहीं किये जाने से नाराज होकर सभी डॉक्टर्स सामूहिक हड़ताल पर उतर गये हैं.
भटकते नजर आएं मरीज
दूसरी तरफ हड़ताल के चलते सुबह से ही जीएमसीएच में इलाज कराने के लिए पहुंचे मरीज ओपीडी काउंटर पर भटकते नजर आये. कई गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा. वहीं परिजन भी नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.
मांग पूरी नहीं होने तक जारी रहेगी हड़ताल
हड़ताल कर रहे डॉक्टर्स ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमराने लगी हैं और मरीजों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए लोगों की निगाहें अब सरकार के निर्णय पर टिकी हैं.
सरकार नहीं दे रही ध्यान
अन्य जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि उनका काम बहुत ज्यादा है, लेकिन उस हिसाब से उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड बहुत कम है. वे इस मांग को कई बार उठा चुके हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. उन्होंने सरकार से अपील की है कि वे स्टाइपेंड को संशोधित कर बिहार के डॉक्टरों को अन्य राज्यों के समकक्ष लाएं. इंटर्न डॉक्टर्स ने बताया कि अगर उनका स्टाइपेंड नहीं बढ़ा, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जायेगा.
(बेतिया से आलोक अगस्टीन की रिपोर्ट)
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