शहर में कहीं नहीं नजर आती मोबाइल ट्रैफिक पुलिस

बेतिया : पश्चिम चंपारण जिले में ऐसे तो प्रत्येक सड़क पर हादसों की आशंका हर समय बनी रहती है. लेकिन सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं की आशंका हर समय एनएच 28 बी पर बनी रहती है. यहां न तो दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कारगर व्यवस्था है और न मोबाइल ट्रॉफिक या पुलिस का ही किसी […]
बेतिया : पश्चिम चंपारण जिले में ऐसे तो प्रत्येक सड़क पर हादसों की आशंका हर समय बनी रहती है. लेकिन सबसे ज्यादा दुर्घटनाओं की आशंका हर समय एनएच 28 बी पर बनी रहती है. यहां न तो दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कोई कारगर व्यवस्था है और न मोबाइल ट्रॉफिक या पुलिस का ही किसी खास जगह पर तैनाती दिखती है.
जिले के सर्वाधिक दुर्घटनाओं के डेंजर जोन के रूप में हरिवाटिका चौक, औद्योगिक परिक्षेत्र चौक, स्टेशन चौक, सुप्रिया चौक, छावनी चौक, मनुआपुल चौक चिह्नित हैं. इनमें सर्वाधिक खतरनाक स्थित छावनी चौक की है जहां आये दिन दुर्घटनाओं के कारण मौतें होती हैं. हालांकि कुछ दिनों पूर्व सरकार की ओर से एनएच 28 बी पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक मोबाइल वाहन की व्यवस्था हुई थी. लेकिन यह वाहन इन दिनों एनएच 28 बी पर नहीं दिखती. न तो इस पर किसी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती ही नजर आती है.
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