1.41 करोड़ की गड़बड़ी!
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Jun 2015 7:55 AM (IST)
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आइसीडीएस के रोकड़ बहीं में लेखा जोखा का समायोजन नहीं बगहा : बाल विकास परियोजना कार्यालय बगहा एक में करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये का गोलमाल है. इस वजह से पिछले दो माह से प्रभार नहीं हो रहा है. रोकड़ बही में वित्तीय लेखा-जोखा का समायोजन नहीं होने को लेकर राशि गबन होने की […]
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आइसीडीएस के रोकड़ बहीं में लेखा जोखा का समायोजन नहीं
बगहा : बाल विकास परियोजना कार्यालय बगहा एक में करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये का गोलमाल है. इस वजह से पिछले दो माह से प्रभार नहीं हो रहा है. रोकड़ बही में वित्तीय लेखा-जोखा का समायोजन नहीं होने को लेकर राशि गबन होने की संभावना है.
डीएम लोकेश कुमार सिंह ने वित्तीय समायोजन के इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया है. जांच के मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया है. जांच टीम बगहा एक अंचल के स्थापना लिपिक सरफराज अहमद तथा डीसीएलआर कार्यालय के प्रधान लिपिक देव नारायण राउत शामिल हैं. इन दोनों को एक सप्ताह के अंदर पूरे रोकड़ बही की जांच कर निकासी एवं व्यय अपडेट करने का निर्देश दिया है.
जांच टीम के दोनों सदस्य गुरुवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचे और अभिलेखों के बारे में जानकारी ली. प्रभारी सीडीपीओ शबीना अहमद ने इसकी पुष्टि की है. उनका कहना है कि विभागीय जांच निर्देश आया है.
दो माह से नहीं हो रहा प्रभार
रोकड़ पंजी में वित्तीय विसंगति को लेकर पिछले दो माह से इस कार्यालय के प्रधान सहायक सह रोकड़पाल का प्रभार लंबित है. प्रभार नहीं होने के कारण कार्यालय की सारी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गयी है.
हालांकि पहले तो यहां के स्थानांतरित संख्यिकी सहायक सोहन प्रसाद प्रभार देने में आना कानी कर रहे थे. लेकिन जब वे प्रभार देने के लिए आये तो रोकड़पंजी पूरी तरह से अपडेट नहीं थी. इसको लेकर प्रधान सहायक रामबाबू प्रसाद ने प्रभार लेने से इनकार कर दिया था. उनका कहना है कि करीब 1.41 करोड़ की निकासी का कोई वाउचर नहीं है. प्रथम दृष्टया यह मामला वित्तीय अनियमितता का लग रहा है.
लेखा के जानकार की दरकार
प्रधान सहायक ने इस मामले को पूरी तरह से समझने के लिए कहा था कि किसी लेखा के जानकार व्यक्ति से इसकी जांच करा ली जाये. उन्होंने इस आशय का आवेदन जिलाधिकारी समेत आइसीडीएस निदेशालय को भेजा था.
उनका कहना है कि वित्तीय सत्र 2012 तक पोषाहार अग्रिम मद में कुल 88 लाख 76 हजार 100 रुपया आया है. सबला मद में 47 लाख 20 हजार 125 रुपया स्थायी अग्रिम है. जिसकी निकासी की जा चुकी है. मद वार कैश बुक का कोई विवरण पंजी में नहीं है. कुल 1 करोड़ 41 लाख विस्तृत अपर्याप्त अग्रिम राशि दिखाया जा रहा है. जिसका कोई लिखित रजिस्टर पंजी मदवार नहीं है.
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