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डॉ राजेंद्र प्रसाद के विचारों को अपना आदर्श स्थापित करें : जिला जज

Updated at : 05 Dec 2019 1:39 AM (IST)
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डॉ राजेंद्र प्रसाद के विचारों को अपना आदर्श स्थापित करें : जिला जज

जिला विधिज्ञ संघ की ओर से अधिवक्ता दिवस समारोह का आयोजन न्यायिक पदाधिकारियों व वरीय अधिवक्ताओं ने रखे अपने विचार कहा, व्यक्तिगत नहीं कानूनी लड़ाई लड़ें वकील बेतिया : जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज हम सभी को देश के प्रथम राष्ट्रपति के आदर्शों को अपने में समाहित करने की […]

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जिला विधिज्ञ संघ की ओर से अधिवक्ता दिवस समारोह का आयोजन

न्यायिक पदाधिकारियों व वरीय अधिवक्ताओं ने रखे अपने विचार
कहा, व्यक्तिगत नहीं कानूनी लड़ाई लड़ें वकील
बेतिया : जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज हम सभी को देश के प्रथम राष्ट्रपति के आदर्शों को अपने में समाहित करने की जरुरत है. सत्य का विजय हो यही न्यायिक पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की जिम्मेवारी है. बार और बेंच का गहरा संबंध रहा है. इन दोनों की बराबर की जिम्मेवारी है कि समाज के अंतिम पायदान तकन्याय पहुंचे.
मौजूदा परिवेश में सस्ता सुलभ और त्वरित न्याय की आवश्यकता है.जिला जज श्री श्रीवास्तव मंगलवार की देर शाम देश रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर विधिज्ञ संघ के ऑडिटोरियम में आयोजित अधिवक्ता दिवस समारोह में बोल रहे थे. समारोह में विशिष्ट अतिथि परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजीव रंजन ने कहा कि अधिवक्ता और न्यायिक पदाधिकारी दोनो हीं विद्वान कहे जाते हैं.
कनीय अधिवक्ताओं को वरीय अधिवक्ताओं का सम्मान करना चाहिए. साथ ही वरीय अधिवक्ताओं को भी कनीय अभियंताओं को आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए. विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता ठाकुर विजय सिंह ने कहा कि न्यायपालिका इंसाफ का मंदिर है तथा न्यायाधीश समाज की आखिरी उम्मीद हैं.
बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य सह वरीय अधिवक्ता म. सैदुल्लाह ने कहा कि अधिवक्ताओं का काम कानून की रक्षा करना है. अधिवक्ताओं के समस्याओं के समाधान के लिए बिहार बार काउंसिल सजग एवं प्रयासरत है. स्टेट बार काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता राजीव रंजन उर्फ पप्पु दूबे ने कहा कि बेतिया बार वकीलों का रोल माॅडल है. अधिवक्ता का मतलब कानून की ताकत है.
साथ ही अधिवक्ता मजलूमों एवं कमजोरों की आवाज होतें है. अधिवक्ता अपना निर्माण स्वंय करते है. अपने अध्यक्षीय भाषण में संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र उर्फ एगेंद्र मिश्र ने कहा कि फैसला सत्य से परे नहीं होना चाहिए. अधिवक्ता अनुशासन में रहे. उन्होंने युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण शुरु करने की बात कही. उन्होंने कहा कि बिना अनुभव के युवा शक्ति दिशाहीन हो जाता है. अधिवक्ता कानूनी लड़ाई लड़े व्यक्तिगत लड़ाई नहीं लड़े.
समारोह को अपर न्यायाधीश सगीर अहमद, वरीय अधिवक्ता रैफुल आजम, अजय दूबे, शिवकुमार आदि ने भी संबोधित किया. मौके पर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिग्विजय कुमार, पंचम जज पवन कुमार पांडेय, द्वितीय जज अरुण कुमार, सीजेएम जयराम प्रसाद, एसीजेएम योगेश शरण त्रिपाठी, एसडीजेएम सह प्रभारी न्यायाधीश मनोरंजन झा, समेत सभी न्यायिक पदाधिकारीके अलावे सचिव किशोरी लाल सिकारिया, वरीय अधिवक्ता अब्दूल हई अख्तर, उपाध्यक्ष रमेश कुमार त्रिपाठी, संयुक्त सचिव चंद्रभुषण शाही, म. अलाउदीन आदि भी मौजूद रहे. संचालन अधिवक्ता संतोष शर्मा ने किया.
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