पार्षद उर्मिला पर उम्र में हेराफेरी का होगा केस

Updated at : 10 May 2018 5:37 AM (IST)
विज्ञापन
पार्षद उर्मिला पर उम्र में हेराफेरी का होगा केस

बेतिया : उम्र की हेराफेरी में वार्ड संख्या छह की नगर पार्षद उर्मिला देवी अब बूरी तरह से फंस चुकी है़ राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले में पार्षद को दोषी पाते हुए डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. बेतिया नगर परिषद की वार्ड संख्या- छह की नगर […]

विज्ञापन

बेतिया : उम्र की हेराफेरी में वार्ड संख्या छह की नगर पार्षद उर्मिला देवी अब बूरी तरह से फंस चुकी है़ राज्य निर्वाचन आयोग ने इस मामले में पार्षद को दोषी पाते हुए डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है.

बेतिया नगर परिषद की वार्ड संख्या- छह की नगर पार्षद उर्मिला देवी को राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने उम्र के संबंध में गलत सूचना देने एवं नाम-निर्देशन पत्र में इजरायवाद की जानकारी छिपाने के लिए आरोप प्रमाणित माना है. इस संबंध में वार्ड नंबर छह की गिरिजा देवी ने एक परिवाद दायर की थी़ दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त अशोक कुमार चौहान ने उर्मिला देवी के विरुद्ध बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 447 और भादवि की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. इस वार्ड से उर्मिला देवी के पुत्र दिनेश कुमार दो बार पार्षद रह चुके है़ आरक्षण रोस्टर के अनुसार यह सीट महिला आरक्षित हो गयी़ जिससे इन्होंने इस पद अपनी मां को उम्मीदवार बनाया और वे चुनाव भी जीत गयी़
जांच में आरोप पाये गये सही : परिवाद दाखिल होने के बाद आयोग ने इसकी जांच कर प्रतिवेदन की मांग की. डीएम ने आयोग के निर्देश पर मामले की जांच एसडीएम से करायी. जांच में आरोपों को सही ठहराया गया था. जांच के दौरान ही नगर पार्षद के वृद्धापेंशन भुगतान पर रोक भी लगा दी गयी थी. इधर जांच प्रतिवेदन एवं दोनो पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद राज्य निर्वाचन आयुक्त ने आरोपों को सही करार देते हुए जिलधिकारी बेतिया अपने स्तर से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.
क्या है मामला : शहर के उतरवारी पोखरा निवासी विरेंद्र महतो की पत्नी गिरिजा देवी ने निर्वाचन आयोग में परिवाद दायर की थी. दायर परिवाद में आरोप लगाया था कि वार्ड संख्या छह की नगर पार्षद उर्मिला देवी ने नगरपालिका आम निर्वाचन 2017 में दाखिल नाम निर्देशन पत्र में अपनी जन्मतिथि 15 जनवरी 1971 एवं उम्र 52 वर्ष दर्शाया गया है. जबकि विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र में उनकी जन्म तिथि 15 नवंबर 1971 है़ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्गत मतदाता पहचान पत्र में उनकी उम्र 1 जनवरी 2002 को उम्र 32 वर्ष एवं आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1952 दर्ज है. वहीं आरोप लगाया कि नाम निर्देशन पत्र में भी जानकारी को छिपाया गया है. इन्होंने अपने विरुद्ध दर्ज इजरायवाद की सूचना भी नहीं दी गयी है कि ये वृद्धावस्था पेंशन भी प्राप्त करती है़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन