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Virat Ramayan Mandir: विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की स्थापना आज, कंबोडिया से मंगाए फूल, दो बड़े क्रेन मौजूद, लगे 4 LED स्क्रीन

Updated at : 17 Jan 2026 12:05 PM (IST)
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Shivalinga installed Virat Ramayan Mandir today

विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की स्थापना से पहले पूजा-पाठ

Virat Ramayan Mandir: पूर्वी चंपारण के विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना आज की जाएगी. इससे पहले सांसद शांभवी चौधरी और शायन कुणाल ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-पाठ की. शिवलिंग की स्थापना को लेकर बेहद खास तैयारियां की गई है.

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Virat Ramayan Mandir: बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर में आज विश्व के सबसे ऊंचे (33 फुट) शिवलिंग की स्थापना की जाएगी. शिवलिंग के स्थापना से पहले समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी और उनके पति शायन कुणाल ने पूजा-पाठ की. वाराणसी समेत अन्य जगहों से आए पंडितों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करवाई. इसके लिए कंबोडिया और कोलकाता से फूल मंगाए गए. मंदिर परिसर में स्थापना को लेकर एक ट्रक फूल पहुंच गए हैं. इसमें गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी समेत अन्य फूल शामिल हैं.

भोपाल-राजस्थान से मंगाए क्रेन

इसके साथ ही शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए खास तरह का 18 फीट का माला तैयार किया गया है, जिसे फूल सहित भांग, धतूरा, बेलपत्र मिलाकर बनाया गया है. शिवलिंग को इंस्टॉल करने के लिए राजस्थान और भोपाल से दो क्रेन मंगाए गए हैं. स्थापना से एक दिन पहले इस क्रेन की मदद से ट्रायल रन भी किया गया था. यह दोनों क्रेन 750 टन की कैपेसिटी के हैं और इसकी मॉनिटरिंग टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज कर रही है.

यहां पूजा के लिए महावीर मंदिर से करीब सात पंडित, अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ, गुजरात, हरिद्वार और महाराष्ट्र से भी पंडित पहुंचे हैं. सहस्त्र लिंगम की स्थापना के दौरान होने वाले भव्य यज्ञ में चारों वेदों के विद्वानों को आमंत्रित किया गया था. 4 LED बड़े स्क्रीन लगाए गए हैं, ताकि लोग लाइव स्थापना को देख सके.

8 पवित्र स्थलों के जल से किया जाएगा अभिषेक

शिवलिंग की स्थापना के लिए अलग-अलग जगहों से जल मंगाया गया है. कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगा सागर, सोनपुर और रामेश्वरम से गंगा जल मंगाया गया है. इसके साथ ही सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी, गंडक नदी के जल से भी अभिषेक होगा. आज यानी 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि है. ऐसा माना जाता है कि इसी दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और भगवान शिव की लिंग के रूप में पूजा हुई थी. इस दिन का महत्व शिवरात्रि के समान माना जाता है, इसलिए स्थापना के लिए यह दिन चुना गया है.

सीएम नीतीश और दोनों डिप्टी सीएम रहेंगे मौजूद

शिवलिंग की स्थापना के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद रहेंगे. उनके साथ दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी आएंगे. इसके अलावा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सहित अन्य मंत्री, विधायकों, सांसदों को भी निमंत्रण भेजा गया है.

तमिलनाडु में तैयार हुआ है शिवलिंग

मालूम हो, तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फीट ऊंचा, 33 फीट लंबा और 210 मीट्रिक टन वाले शिवलिंग को तैयार किया गया. शिवलिंग का निर्माण इस तरह किया गया है कि यह भूकंपरोधी हो और आने वाले सैकड़ों सालों तक सुरक्षित रह सके.

एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बना है शिवलिंग

शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस शिवलिंग के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है. यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन के वजन का है. तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था. शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने इसे तराशा है.

सड़क मार्ग से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था. शिवलिंग को रवाना करने के पहले पूजा-पाठ की गई थी, जिसमें स्थानीय गांव के लोग भी शामिल हुए थे.

मंदिर का निर्माण तय समय पर पूरा करने पर जोर

बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद और महावीर मंदिर स्थान न्यास समिति के सचिव शायन कुणाल के मुताबिक, मंदिर का निर्माण तय समय पर पूरा हो, इसके लिए लगातार प्रयास जारी है. ताकि बिहार में विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर स्थापित हो सके. साल 2023 के 20 जून को शिलान्यास के बाद विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. पटना से इस मंदिर की दूरी लगभग में 120 किलोमीटर है. विराट रामायण मंदिर में चार आश्रम होंगे.

चकिया का विराट रामायण मंदिर आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है. विराट रामायण मंदिर का निर्माण हो जाने पर यह विश्व का सबसे बड़ा शिव मंदिर होगा. श्रद्धालुओं का कहना है कि इतनी भव्य और दिव्य रचना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना के बाद मोतिहारी और पूर्वी चंपारण के पर्यटन मानचित्र में कैथवलिया का नाम प्रमुखता से जुड़ गया है. माना जा रहा है कि देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा. होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को नई पहचान मिलेगी. पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन सहयोग करें तो यह जगह बिहार के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है.

(मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट)

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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