पूर्वी चंपारण : उत्कर्ष बैंक लूट मामले में की छापेमारी सीतामढ़ी से पांच संदिग्ध किये गिरफ्तार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पकड़े गये अरविंद पर सीतामढ़ी में डेढ़ दर्जन आपराधिक मामले हैं दर्ज

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) : छतौनी के उत्कर्ष फाइनेंस से 10.18 लाख की लूट मामले में एसआइटी की टीम ने सीतामढ़ी में छापेमारी की. इस दौरान डुमरा से पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है. सभी को मोतिहारी लाकर छतौनी थाने में पूछताछ की जा रही है. प्रशिक्षु आइपीएस अरविंद प्रताप सिंह, छतौनी इंस्पेक्टर मुकेशचंद्र कुंवार व मुफस्सिल इंस्पेक्टर आनंद कुमार पकड़े गये पांचों संदिग्ध युवकों से अलग-अलग पूछताछ की.

सभी के मोबाइल का लोकेशन चेक किया जा रहा है. हिरासत में लिये गये संदिग्धों में सुप्पी थाने के मुरादपुर का अरविंद सिंह, टुन्ना सिंह, मेजरगंज डुमरीकला का प्रवीण कुमार, सोनू कुमार व सुप्पी थाने के ढेंगबसंत खुर्द के संजय महतो बताये जाते हैं.बताया जाता है कि अरविंद पर हत्या, लूट, छिनतई के करीब डेढ़ दर्जन मामले सीतामढ़ी के विभिन्न थानों में दर्ज है. अन्य संदिग्धों पर भी आपराधिक मामला दर्ज बताया जा रहा है. छतौनी इंस्पेक्टर मुकेशचंद्र कुंवर ने बताया कि पकड़े गये पांचों युवक फिलहाल सभी मामले में जमानत पर है, उनके द्वारा जमानत का कागजात दिखाया गया है.

सीतामढ़ी कोर्ट में शनिवार को तारीख पर आये थे. इस दौरान डुमरा पुलिस के सहयोग से सभी को हिरासत में लिया गया. लूट मामले में उनसे पूछताछ की जा रही है. बताते चले कि 13 फरवरी को यूको बैंक में पैसा जमा कराने जा रहे उत्कर्ष बैंक के शाखा प्रबंधक अनूप कुमार व शशि कुमार राय के साथ इंडिका कार से जा रहे थे.

तीन जगहों के सीसीटीवी खराब

छतौनी के तीन मुख्य जगहों का सीसीटीवी खराब हो चुका है. हवाई अड्डा चौक पर लगा सीसीटीवी सिस्टम से तार निकला था, जबकि छतौनी चौक व बाइपास चौक का सीसीटीवी काम नहीं कर रहा है. लूट की घटना के बाद पुलिस ने जब सीसीटीवी को खंगालना शुरू किया, तो तीनों जगहों का कैमरा बंद मिला. हवाई अड्डा चौक पर लगा सीसीटीवी कैमरा सात फरवरी से ही बंद है, जबकि अपराधी उसी रास्ते भागे हैं.

एक सैलून में उसका सिस्टम लगा है. पुलिस ने जांच की तो तार निकाला हुआ था. इंस्पेक्टर मुकेशचंद्र ने बताया कि सीसीटीवी कैमरा ठीक करने को कहा गया है. बताते चले कि सुरक्षा के ख्याल से शहर के चौक-चौराहे पर सासंद निधि कोष से कैमरा लगाया गया है. ताकि शहर में संदिग्ध गतिविधियों पर तिसरी निगाह से नजर रखी जाये, लेकिन जिन्हें मेंटेनेंश का जिम्मा दिया गया है, वे ध्यान नहीं दे रहे.

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