आदमी एक, कर रहा दो जगह नौकरी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Mar 2018 5:32 AM

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मोतिहारी : प्राधानाध्यापक कहें या स्वास्थ्य विभाग लिपिक. कुछ ऐसा ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यह खुलासा 34,540 विशेष शिक्षक बहाली में हुआ है. यहां बता दें कि छौड़ादानों प्रखंड के नरकटिया मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक जीतेन्द्र कुमार हैं, जो एक साथ दो सरकारी पदों का वर्तमान में लाभ उठा रहे हैं. सालों […]

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मोतिहारी : प्राधानाध्यापक कहें या स्वास्थ्य विभाग लिपिक. कुछ ऐसा ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यह खुलासा 34,540 विशेष शिक्षक बहाली में हुआ है. यहां बता दें कि छौड़ादानों प्रखंड के नरकटिया मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक जीतेन्द्र कुमार हैं, जो एक साथ दो सरकारी पदों का वर्तमान में लाभ उठा रहे हैं. सालों तक इसकी भनक शिक्षा विभाग को नहीं लगी. जितेंद्र लोक स्वास्थ्य अवर प्रमंडल महुआवा में लिपिक के पद पर भी कार्यरत हैं.

इसकी भनक लगने पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों ने जांच की तो मामला सत्य पाया गया. जितेंद्र के खिलाफ जांच की गयी तो चौकानेवाला तथ्य सामने आया कि वे हाजीपुर पीएचईडी के साथ पूर्वी चंपारण में भी सरकारी पद का लाभ उठा रहे हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल हाजीपुर ने वेतन स्थगित करते हुए डीईओ कार्यालय मोतिहारी को इसकी जानकारी पत्र द्वारा दी. सूचना के साथ स्थापना डीपीओ श्री राम कुमार के द्वारा उक्त प्रधान शिक्षक से फोटोग्राप्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रमाण की अभिप्रमाणित पत्र के साथ मांग की.

डीपीओ ने संबंधित कागजात प्राप्त होने तक उक्त शिक्षक का वेतन स्थगित कर दिया गया है.
एक्सक्लूसिव
स्वास्थ्य प्रमंडल हाजीपुर ने डीईओ कार्यालय मोतिहारी को भेजा पत्र
हाजीपुर के साथ नरकटिया
में भी कार्यरत जीतेन्द्र का वेतन हुआ बंद
34540 विशेष शिक्षक बहाली की जांच हो तो कई मामले होंगे उजागर
विशेष शिक्षक के रूप में 2012 में हुई बहाली
हाजीपुर लोक स्वस्थ्य अभियंत्रण कार्यालय में कार्य करनेवाले 38 वर्षीय जितेंद्र कुमार की बहाली विशेष शिक्षक (34,540) के रूप में नरकटिया मध्य विद्यालय प्रधान शिक्षक के रूप में हुई, तब से वहीं कार्यरत हैं. इनका पे-स्केल 9300 रुपया है. हाजीपुर और मोतिहारी एक साथ ड्यूटी कैसे करते थे यह सवालों के घेरे में है कि दोनों जगह से भुगतान लेते रहे और दोनों विभाग के अधिकारी अनजान बने रहे. यहां बता दें कि उक्त शिक्षक वैशाली जिला अन्तर्गत महुआ थाना के चकदादन गांव का रहने वाला है, जो कई वर्षों से दो अहम सरकारी पदों का जिम्मा एक साथ संभाले हुए था. लेकिन सोये हुए शिक्षा विभाग की नींद उस वक्त खुली जब हाजीपुर स्वास्थ्य प्रमंडल का पत्र डीईओ कार्यालय पहुंचा. अगर जांच की जाए तो इस बहाली में भी ऐसे कई मामले उजागर होंगे. सूत्रों के अनुसार अमान्य संस्था से कई शिक्षक की बहाली 34540 में हुई है. जिसको हटाने के लिए विभाग से पत्र भी आया है. लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया.
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