180 करोड़ से बदले जायेंगे ग्रामीण इलाके के पुराने तार

Updated at : 20 Mar 2018 4:08 AM (IST)
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180 करोड़ से बदले जायेंगे ग्रामीण इलाके के पुराने तार

मोतिहारी : विद्युत अंचल (पूर्वी व पश्चिमी चंपारण) के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के जर्जर तार बदले जायेंगे. इनकी जगह नये व उन्नत किस्म के तार लगेंगे. इसमें हाइटेंशन व लो टेंशन तार दोनों शामिल हैं. इससे उपभोक्ताओं को जहां भरपूर बिजली मिलेगी. जानकारी के मुताबिक, जर्जर तार स्टेट प्लान के तहत बदले जायेंगे. […]

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मोतिहारी : विद्युत अंचल (पूर्वी व पश्चिमी चंपारण) के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के जर्जर तार बदले जायेंगे. इनकी जगह नये व उन्नत किस्म के तार लगेंगे. इसमें हाइटेंशन व लो टेंशन तार दोनों शामिल हैं. इससे उपभोक्ताओं को जहां भरपूर बिजली मिलेगी. जानकारी के मुताबिक, जर्जर तार स्टेट प्लान के तहत बदले जायेंगे. योजना अंतर्गत करोड़ो रुपये खर्च होंगे. इसके लिए विभागीय स्तर पर निविदा की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. विद्युतिकृत कार्य एजेंसियों से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं.

हालांकि, टेंडर अभी खुला नहीं है. इसके बाद ही तय होगा कि किस एजेंसी को इस कार्य के लिए अधिकृत किया जाता है. शीघ्र ही एजेंसी का चयन कर वर्क एलॉट किया जायेगा. जानकारों की माने तो विभागीय स्तर पर इस दिशा में कार्य तेज गति से चल रही है. उम्मीद है कि जून से तार बदलने का काम शुरू हो जायेगा. इस क्रम में कंडक्टर व फाइबर तार दोनों लगेंगे.
विद्युत अंचल के ग्रामीण फीडर में वैसे तार जो दस व इससे अधिक साल पूराने हैं. ऐसे तार को बदलने की विभाग की योजना है. बताते चले कि तार जर्जर होने के कारण आए दिन फॉल्ट व तार टूटने की घटना लगातार सामने आती है. इसको देखते हुए विभाग ने हाइटेंशन व लो टेंशन तार बदलने की योजना तैयार की है. हालांकि, हाइटेंशन व लो-टेंशन तार कितना किमो होगा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है.
तार बदलने का खाका तैयार
जर्जर तार बदलने की योजना
अंतर्गत 180 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसको लेकर विभाग ने डीपीआर
तैयार कर लिया है. डीपीआर का तैयार खाका के अनुसार, 180 करोड़
रुपये खर्च होंगे. विभाग स्तर पर राशि खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गयी है.
विद्युत अंचल के ग्रामीण क्षेत्र में लगेंगे उन्नत किस्म के तार
हाइटेंशन व लोटेंशन तारे
हैं शामिल
विभागीय स्तर पर कवायद तेज
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के जर्जर तार बदले जायेंगे. स्टेट प्लान के तहत यह कार्य होगा. इस कार्य पर 180 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस दिशा में कवायद तेज कर दी गयी है.
अजय कुमार मिश्र, कार्यपालक अभियंता, मोतिहारी
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प्रभात परिचर्चा
बिहार में आधी आबादी को बिना सुरक्षित और अवसर प्रदान किये विकास की बात नहीं की जा सकती. प्रभात खबर की ओर से आयोजित परिचर्चा में समाज के हर तबके की महिलाओं ने इस मुद्दे पर खुल अपनी राय दी.
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