आर्केस्ट्रा के लिए बंगाल व भोपाल से हो रही लड़कियों की तस्करी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Jan 2018 6:21 AM

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मोतिहारी : भारत-नेपाल सीमा स्थित पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों आर्केस्ट्रा में काम करने के लिए बंगाल व भोपाल से लड़कियों की तस्करी बेरोक-टोक जारी है. हीरोइन बनाने व फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर दलाल उन्हें अपने साथ लाते हैं और मोटी रकम लेकर संचालकों के हाथों सौंप देते […]

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मोतिहारी : भारत-नेपाल सीमा स्थित पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों आर्केस्ट्रा में काम करने के लिए बंगाल व भोपाल से लड़कियों की तस्करी बेरोक-टोक जारी है. हीरोइन बनाने व फिल्मों में काम दिलाने का झांसा देकर दलाल उन्हें अपने साथ लाते हैं और मोटी रकम लेकर संचालकों के हाथों सौंप देते हैं.

संचालक शादी समारोहों व पार्टी में इन लड़कियों से नाच-गाना तो कराते ही हैं साथ ही उनसे वैसे अनैतिक कार्य भी कराते हैं जिसे समाज व कानून कभी स्वीकार नहीं करता. विरोध करने वाले लड़कियों के साथ मारपीट भी की जाती है और अन्य तरह की अमानवीय यातनाएं भी दी जाती है. जानकार बताते हैं कि 12 से 20 साल के उम्र की लड़कियों यहां अधिक रखा गया है. मानव तस्करी पर काम करने वाली आइडिया नामक एक संस्था ने भी पिछले दिनों इस मामले की तहकीकात की थी जहां कई तरह के मामलों को खुलासा हुआ था. यह भी स्पष्ट हो गया था कि इन लड़कियों से देह-व्यापार भी कराया जाता है.
नहीं है कोई निबंधन, सभी हैं अवैध
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित सभी आर्केस्ट्रा पार्टियां अवैध हैं. किसी का निबंधन नहीं हुआ है. बताया गया है कि वर्ष 2005 तक मनोरंजन प्रतिष्ठान के रूप में दर्जन भर संचालकों ने श्रम संसाधन विभाग से निबंधन कराया था. उसके बाद से एक भी निबंधन नहीं हुआ. कारण भी स्पष्ट है कि मनोरंजन प्रतिष्ठान के निबंधन के लिए कम से कम अठारह साल की आयु होनी चाहिए. जबकि इनके पास के अधिकांश लड़कियां अठारह वर्ष के क्रम उम्र की होती हैं.
कोटवा, कल्याणपुर व मधुबन सहित आधा दर्जन प्रखंडों में हैं अधिक सक्रिय
आर्केस्ट्रा पार्टिंयां मोतिहारी सदर के अलावा कोटवा,कल्याणपुर व मधुबन सहित आधा दर्जन प्रखंडों में पूर्व से काफी सक्रिय रही हैं. बताया जाता है कि भारत-नेपाल सीमा के सटे रक्सौल, छौड़ादानो व आदापुर प्रखंडों के विभिन्न क्षेत्रों देह व्यापार के लिए लड़कियों की बोली भी लगती है और आर्केस्ट्रा संचालकों को इसके एवज में मोटी रकम दी जाती है.
पूर्व में तुरकौलिया व छौड़ादानो से हो चुकी है बरामदगी : एक साल पूर्व तुरकौलिया व छौड़ादानो के आर्केस्ट्रा पार्टियों से लड़कियां भागी थी. बाद में उन्हें स्थानीय लोगों के सहयोग से थाना लाया गया था जहां पूछताछ में ये सभी तरह के खुलासे हुए थे.लड़कियां ने बताया था कि उनसे सभी तरह का अनैतिक कार्य लिया जाता है.
इधर, डीएम रमन कुमार ने इसे काफी गंभीर मामला बताया और कहा कि शीघ्र ही इस बाबत ठोस कदम उठाया जायेगा. सभी एसएचओ व संबंधित अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किये गये हैं.
12 से 20 साल की उम्र की लड़कियां
हैं अधिक शिकार
90 प्रतिशत आर्केस्ट्रा पार्टियों में हैं
बंगाल व नेपाल की लड़कियां
नाच-गाना से लेकर अन्य अनैतिक
कार्यों में किया जाता है प्रयोग
एनजीओ की एक टीम ने किया खुलासा
पड़ोसी देश नेपाल से भी अवैध तरीके
से लायी जा रहीं लड़कियां
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