पताही महमदावली पैक्स के करोड़ों के घोटाला का मामला
फर्जी ढंग से फसल क्षति दिखा
कर उठायी गयी बीमा राशि
मोतिहारी : पताही के महमदावली पैक्स में फर्जी एलपीसी बनाकर करोड़ों के फसल बीमा राशि का घोटाला किया गया है. भूमिहीन किसानों के नाम पर फर्जी एलपीसी बनायी गयी, उसके बाद फसल बीमा के लिए अपने स्तर से प्रिमियम की रािश जमा कर फर्जी तरीके से फसल का नुकसान दिखा करोड़ों रूपये की सरकारी राशि का गबन कर लिया गया. पुलिस ने अनुसंधान के दौरान जब दस्तावेजों की खोजबीन की तो पता चला कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब है. पुलिस को शक है कि गबन के प्राथमिक व अप्राथमिक अभियुक्तों ने मिली भगत कर दस्तावेज को गायब कर दिया है.
पकड़ीदयाल के तत्कालीन एएसपी विजय कुमार ने सुपरविजन में स्पष्ट लिखा है कि महमदावली के पूर्व पैक्स अध्यक्ष चंद्रकिशोर सिंह, उनकी पत्नी आशा सिंह के नेतृत्व में सहकारी बैंक पकड़ीदयाल के शाखा प्रबंधक, रोकड़पाल व चंद्रकिशोर सिंह के करीबी लोगों ने मिलकर फसल बीमा के करोड़ों की राशि गबन किया है. जांच-पड़ताल में करोड़ों के गबन का ठोस साक्ष्य मिलने पर एएसपी ने अनुसंधानकर्ता को वर्ष सहकारी बैंक पकड़ीदयाल से 2006-2007, 2007-2008 व 2008-2009 के अंतर्गत सभी सफलों यथा मक्का, तोड़ी, आलू, गेंहू आदि का बीमा लेने वाले किसानों का सम्पूर्ण लिस्ट लेने का निर्देश दिया है. इस बिंदु पर गहरायी से जांच-पड़ताल से गबन की राशि एक करोड़ 20 लाख, 53 हजार से बढ सकती है. ऐसा शक पुलिस को है. हालांकि तत्कालीन एसपी जितेंद्र राणा ने मामले की दुबारा जांच का आदेश दिया है. जांच के बाद ही पता चलेगा कि घोटाला हुआ है या नहीं.
संयुक्त हस्ताक्षर से निकाली राशि
सहकारिता बैंक पकड़ीदयाल के शाखा प्रबंधक विनोद राम पुलिस को जो दस्तावेज उपलब्ध कराया है, उसके अनुसार, वर्ष 2008 के फसल बीमा की राशि पूर्व पैक्स अध्यक्ष चंद्रकिशोर सिंह व उनके भाई अमर किशोर कुमार के संयुक्त हस्ताक्षर से निकाला गया है. जिन किसानों को 2008 में मक्का के लिए फसल बीमा की राशि दी गयी, उसका भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, खाता आदि दस्तावेज पूर्व पैक्स अध्यक्ष चंद्रकिशोर सिंह के पास है.
साक्ष्य छुपाने की कोशिश में आरोपित
पकड़ीदयाल के तत्कालीन एएसपी विजय कुमार ने सुपरविजन के समय पताही के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी मुन्ना कुमार से पूछताछ की और उसका बयान लिया तो चौकाने वाला खुलासा हुआ. मुन्ना ने पुलिस को बयान दिया है कि फसल बीमा की राशि भूगतान की पावती प्रमाण पत्र पैक्स व बैंक में संधारित की जाती है. पुलिस ने जब पूर्व पैक्स अध्यक्ष व शाखा प्रबंधक से भुगतान की पावती प्रमाण पत्र मांगा तो उनके द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया.
प्रबंध समिति के अंकेक्षण में कोई गड़बड़ी सामने नही आयी है. विभागीय जांच में भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली है. गबन का झुठा आरोप लगा मेरी स्वच्छ छवि को धुमिल करने का प्रयास किया जा रहा है.
चंद्रकिशोर सिंह, पूर्व पैक्स अध्यक्ष, पताही महमदावली पैक्स
