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सेवा प्रदाता बनने के लिए 28 अक्तूबर तक कर सकते हैं आवेदन

डिजिटल इंडिया की मुहिम के इस दौर में जहां केंद्र और राज्य सरकारें प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाकर पारदर्शिता और सरलता को बढ़ावा दे रही हैं.

बक्सर. डिजिटल इंडिया की मुहिम के इस दौर में जहां केंद्र और राज्य सरकारें प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाकर पारदर्शिता और सरलता को बढ़ावा दे रही हैं, वहीं जिले का पौधा संरक्षण विभाग अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है. सेवा प्रदाता बनने के लिए विभाग द्वारा आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन रखी गई है, जिससे इच्छुक आवेदकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. विभाग ने इस प्रक्रिया के तहत आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित की है. जिले में सेवा प्रदाता बनने के पौधा संरक्षण विभाग के द्वारा ऑफलाइन आवेदन लिया जा रहा. विनिर्माता, स्वयं सेवी संस्थान ऐनजीओ, किसान उत्पादक संगठन, निजी संस्थान, निजी रेस्टोरेंट कंपनी आदि जिनके पास छिडकाव यंत्र से कम से कम पांच सौ एकड़ का कीटनाशी छिड़काव का अनुभव है. तथा जो कृषि विभाग अंतर्गत कृषकों के उद्यानिक फसलों यथा आम, लीची, अमरूद, केला एवं पपिता के वृक्षों पौधे पर कीट व्याधि का नियंत्रण के लिए कितना आशीष सहित छिड़काव के लिए प्रसात्व के लिए विभाग आवेदन का माग किया है. विभागीय जानकारी के अनुसार सेवा प्रदाता को किटनाशी छिड़काव उपरांत उघानिक फसलों यथा आम, लीची अमरूद केला एवं पपीता के वृक्षों/ पौधों पर कीटनाशी छिड़काव के लिए अधिकतम निर्धारित राशि पर 75 प्रतिशत अनुदान की राशि अथवा युनिट कांस्ट कमिटी के द्वारा अनुशासित अधिकतम अनुदान की राशि दोनों में से जो कम होकर भुगतान किया जायेगा. जिसका भुगतान सहायक निदेशक पौधा संरक्षण द्वारा जांचों प्रांत अभिश्रव के आधार पर सेवा प्रदाता को किया जायेगा. किस पौधा के छिड़काव पर कितना मिलेगा : पौधा संरक्षण के द्वारा आम एक पेड़ पर प्रथम फेज पर छिड़काव करने के लिए 76 रुपये प्रति वृक्ष तो दूसरी फेज में छिड़काव करने पर 96 रुपये प्रति वृक्ष पर 75 प्रतिशत का अनुदान सेवा प्रदाता को मिलेगा, तो लीची के पेड़ पर प्रथम फेज में छिड़काव करने पर 216 रुपये तो दूसरा फेज के छिड़काव करने पर 152 रुपये के 75 प्रतिशत अनुदान सेवा प्रदाता को मिलेगा. अमरूद के पेड़ पर प्रथम 44 रुपये के दूसरा फेज के 60 रुपये प्रति वृक्ष के 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, तो केला के पौधा एक एकड़ पर व्याधि प्रबंधन हेतु प्रथम फेज के छिड़काव पर 4300 रुपये तो दूसरे फेज के कीटों के प्रबंधन के लिए 4000 हजार प्रति एकड़ के 75 हजार अनुदान मिलेगा, तो वही पपीता के एक एकड़ पौधा पर प्रथम फेज में 4300 रुपये तो दूसरे फेज में 4000 हजार के 75 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा. सेवा प्रदाता के लिए बनाया गया है चयन समिति : सेवा प्रदाता के चयन समिति के अध्यक्ष जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार होंगे तो साथ ही साथ सहायक निदेशक पौधा संरक्षण सदस्य, कृषि विज्ञान केंद्र कृषि वैज्ञानिक सदस्य, वरीय कोषागार पदाधिकारी के प्राधिकृत पदाधिकारी सदस्य, तो सहायक निदेशक पौधा संरक्षण सचिव के रूप में होंगे. क्या कहते हैं अधिकारी जिले के कीटनाशक विक्रेताओं, एनजीओ, ऐफपिओ, 28 अक्तूबर तक सेवा प्रदाता बनने के लिए कार्यालय अवधि में आवेदन जमा कर सकते हैं. संस्कृति बी मौर्या, सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण

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