फाइल- 21- दुष्कर्म के मामले दोषी को आजीवन कारावास की सजा

Published by :Parshant Kumar Rai
Published at :27 Apr 2026 6:42 PM (IST)
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फाइल- 21- दुष्कर्म के मामले दोषी को आजीवन कारावास की सजा

दुष्कर्म के मामले अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा, 50 हज़ार का जुर्माना, सरकार को 10 रूपये लाख रुपए देने का आदेश, 10 वर्षीय बच्ची को बनाया था हवस का

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50 हजार का जुर्माना, सरकार को 10 लाख रुपये देने का आदेश 10 वर्षीया बच्ची को बनाया था शिकार प्रतिनिधि, बक्सर कोर्ट. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश 6 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अमित कुमार शर्मा की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में दोषी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई. न्यायालय ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है. जिसे नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे. इसके अलावा सरकार को भी पीड़िता को 10 लाख रुपये अलग से देने का निर्देश भी जारी किया गया है. पिछले दिनों न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया था तथा सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रखा था जिसे सोमवार को सुनाया गया .इस आशय की जानकारी विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने दिया. 10 वर्षीया बच्ची को बनाया था शिकार. घटना सिकरौल थाना की है, जहां नवंबर 2023 में स्कूल से पढ़कर जब 10 वर्षीया बच्ची वापस घर लौट रही थी तो उसी गांव का रहने वाला 24 वर्षीय दोषी छोटे कुमार ने उसे बताया था कि मुख्य रास्ते पर जाम लगा है. ऐसे में उसे दूसरे रास्ते घर पहुंचा देगा. जब बच्ची समय से घर नहीं पहुंची तथा विलंब होने लगा तो परिजन उसे खोजने लगे. जहां गांव के सुनसान रास्ते उसे धूल धूसरित अवस्था में पाया था. पीड़िता ने परिजनों को बताया कि अभियुक्त ने उसे बहला फुसला कर उसे दूसरे रास्ते ले गया तथा उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना को लेकर सिकरौल थाने में केस दर्ज कराया गया था. सुनवाई पॉक्सो अदालत में की गयी. सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों की गवाही को न्यायालय में प्रस्तुत की गयी. उपलब्ध साक्ष्यों एवं फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया था. सजा के बिंदु पर फैसला सुनाते हुए सोमवार को विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने पॉक्सो की धारा 4 के तहत उम्र कैद एवं 50 हजार रुपये का जुर्माना जिसे नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त जेल में बिताने के फैसले के साथ-साथ, भारतीय दंड विधान की धारा 506 के तहत 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. कोर्ट ने बिहार सरकार को भी निर्देशित किया है कि पीड़ित प्रतिकर के तहत पीड़िता को 10 लाख रुपए का अलग से अनुदान दें.

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