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buxar news : जिले में लक्ष्य 128796 के विरुद्ध अभी तक खरीदे गये महज 39556.531 टन धान

buxar news : सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद में सुस्ती से किसानों में मयूसी 123 क्रय केंद्र किये गये हैं चयनित, पर 116 पर ही हो रही खरीदारी21223 किसानों ने कराया है रजिस्ट्रेशन, महज 4501 से खरीदे गये धानकिसानों को ऑने-पौने दाम पर बाजार में बेचने की बनी है विवशता

buxar news : बक्सर. जिले में सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों से धान की खरीदारी काफी धीमी गति से हो रही है. इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. अभी तक महज 4501 किसानों से कुल 39556.531 टन धान खरीदा गया है. बक्सर जिले को प्राप्त लक्ष्य 128796 टन के विरुद्ध अभी तक मात्र 31 प्रतिशत धान की खरीदारी की गयी है.

इसको लेकर सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने भी नाराजगी व्यक्त की है. जिले में धान की खरीदारी के लिए कुल 123 क्रय केंद्र चयनित किये गये हैं. मगर 116 क्रय केंद्रों पर ही धान खरीदा जा रहा है. सात क्रय केंद्र धान की खरीदारी नहीं कर रहे हैं. इन पैक्सों का एसएफसी पर पैसा बकाया है. उम्मीद है कि इस सप्ताह से इन क्रय केंद्रों पर भी धान की खरीदारी शुरू हो जायेगी. धान की खरीदारी के लिए जिले में 18 राइस मिलरों का चयन किया गया है. जानकारी के अनुसार अभी तक 21223 किसानों ने धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें रैयत किसानों की संख्या 8414 और गौर रैयत किसानों की संख्या 12809 है. पैक्स पर धान बेचने के लिए 19630 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि व्यापार मंडल पर धान बेचने के लिए 1593 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है. सबसे कम चौगाई, इटाढ़ी और सिमरी में धान की खरीदारी की गयी है.

बाजार में औने-फाने दाम पर धान बेचने को किसान मजबूर

बाजार में गिरे भाव के बीच धान खरीद के लक्ष्य में भारी कटौती ने किसानों के समक्ष संकट खड़ा कर दिया है. सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-026 के लिए धान खरीद का लक्ष्य तय करने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने की समस्या चिंता सताने लगी है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-025 में बक्सर जिले के लिए धान खरीद का लक्ष्य एक लाख 53 हजार 799 टन निर्धारित किया गया था, जिसमें कटौती कर इस वर्ष एक लाख 28 हजार 796 टन कर दिया गया है. इस तरह लक्ष्य में 25 हजार तीन टन की कटौती ने अन्नदाताओं को मुश्किल में डाल दिया है. इस कटौती का सीधा प्रभाव किसानों पर पड़ेगा और बिचौलियों के हाथों कौड़ी के मोल उन्हें अपना धान बेचना पड़ रहा है.

बाजार में नहीं मिल रहे हैं खरीदार

खेतों से फसल की कटाई कर किसान खलिहान में धान रखकर बेचने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं. इस बीच कोई व्यापारी उनके पास पहुंच भी रहा है तो 1750 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से धान क्रय करने के लिए मोल-भाव कर रहे हैं. ऐसे में किसान धान की खेती कर अपने भाग्य पर आंसू बहाने का मजबूर हो गये हैं.

कितना है न्यूनतम समर्थन मूल्य

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए सरकार द्वारा साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,369 रुपये एवं ग्रेड ए का एमएसपी 2,389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. जबकि बाजार मूल्य 1800 से ज्यादा नहीं मिल रहा है. इस तरह प्रति क्विंटल तकरीबन पांच सौ से अधिक का घाटा किसानों को हो रहा है. जबकि धान की खेती में प्रत्येक वर्ष लागत खर्च बढ़ती जा रही है. यही नहीं इस साल बेमौसम हुई बारिश से मौसम की मार ने भी किसानों की कमर तोड़ दी है, क्योंकि धान के उत्पादन में भी कमी आयी है.

लगातार दो सालों से हो रही है कटौती

जिले के किसान पिछले दो सालों से लगातार धान क्रय के लक्ष्य में कटौती की मार झेल रहे हैं. सहकारिता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक विपणन वर्ष 2023-24 में जहां सरकारी क्रय का लक्ष्य 1,71,942 टन था. वहीं विपणन वर्ष 2024-25 में लक्ष्य घटकर 1,53,799 टन हो गया था. जबकि, खरीफ विपणन वर्ष 2025-026 में लक्ष्य 1,28,796 टन कर दिया गया है.

खरीदारी में सुस्ती पर सहकारिता मंत्री ने जतायी नाराजगी

सहकारिता मंत्री डॉ प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में बक्सर जिले के सभी विभागीय कार्यों/योजनाओं की समीक्षा बैठक की गयी. बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को विभागीय कार्यों/योजनाओं को ससमय संपन्न करने एवं धान खरीदारी में सभी समितियों को क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया. धान खरीदारी की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले को प्राप्त लक्ष्य 128796 टन के विरुद्ध अब तक 31 प्रतिशत धान की खरीदारी की गयी है. ब्रह्मपुर एवं डुमरांव प्रखंड में धान की खरीदारी का प्रतिशत कम रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को धान की खरीदारी में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.

मंत्री ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को धान खरीदारी कार्य में पारदर्शिता के साथ-साथ छोटे किसानों को प्राथमिकता, निर्धारित समय सीमा के अंदर भुगतान कराने का निर्देश दिया गया. मंत्री द्वारा सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहते हुए विभाग द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं, भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं विशेषकर पैक्सों द्वारा संचालित सीएससी केंद्र, जन औषधि केंद्र आदि का गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए आमजनों को जागरूक बनाते हुए लाभान्वित किये जाने का निर्देश दिया गया. उनके द्वारा सभी पैक्सों में अधिक से अधिक सदस्य बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने को कहा गया. साथ ही उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों को पैक्स के आदर्श कार्मिक सेवा नियमावली के तहत अध्यक्ष एवं प्रबंधकारिणी सदस्य के रिक्त संबंधी/निकट संबंधी को प्रबंधक के पद से कार्य मुक्त करने के लिए कार्रवाई किये जाने का निर्देश दिया. बैठक में संयुक्त निबंधक, सस, पटना प्रमंडल संतोष कुमार झा, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, जिला सहकारिता पदाधिकारी चंद्रमा राम, प्रबंध निदेशक, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि, आरा, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, बक्सर, मुख्य सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के साथ सभी प्रखंडों के वरीय/सहकारिता प्रसार पदाधिकारी शामिल रहे.

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