मरम्मत के नाम पर शहर में हो रही जमकर बिजली कटौती
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Sep 2024 9:12 PM
बिजली कटौती ने शहरवासियों की दिन-रात की नींद हराम कर दिया है
बक्सर. बिजली कटौती ने शहरवासियों की दिन-रात की नींद हराम कर दिया है. मरम्मत के नाम पर दिन और रात दोनों वक्त बिजली की जमकर कटौती की जा रही है. 24 घंटे में अमूमन हर एक घंटे पर शहर की किसी न किसी मुहल्ले की बिजली गुल हो जा रही है. खासकर स्टेशन फीडर में तो 24 घंटे में लगभग 48 बार बिजली कट रही है. पूछने पर जूनियर इंजीनियर अजीत कुमार के पास कोई जवाब नहीं है. जबकि बिजली कटौती से पूर्व उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देनी है. मगर जानकारी देने की बात तो छोड़िये विद्युत विभाग का शिकायत नंबर पर फोन करने यह संदेश आता है कि दिस लाइन इज बिजी. जब इसके बारे में पता किया गया तो यह बात सामने आयी कि शहरवासियों की शिकायत नोट करने की डर से विभाग के कर्मचारियों ने दूरभाष का रिसीवर उठाकर नीचे रख दिया है. जबकि सूत्रों के अनुसार मेंटनेंस के नाम पर विद्युत विभाग करोड़ों रुपये खर्च किया है. मगर मेंटनेस होने के बाद भी बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं है. हल्की हवा की झोंके और बारिश फुहारें भी बिजली झेल नहीं पा रहा है. आए दिन कहीं ने कहीं बिजली तार टूटकर गिर रहे हैं तो कहीं न कहीं ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ रहा है. जिससे शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रोजाना हो रही कटौती से प्रभावित हो रहे काम-धंधे आए दिन हो रही बिजली कटौती के कारण छोटे-छोटे व्यवसायियों का काम धंधा भी प्रभावित हो रहा है. हर रो कई घंटे बिजली काटी जा रही है.इससे बिजली आधारित काम धंधे प्रभावित हो रहे हैं. जबकि कटौती के बाद भी लोगों के घरों में आने वाले बिजली के बिल की राशि में कोई कमी नहीं आ रही है मेंटनेंस के नाम पर 24 घंटे में 10 घंटे बिजली रहती हैं बंद . मेंटेनेंस के नाम पर चौबीस घंटे में 10 घंटे बिजली बाधित रहती है. इससे उपभोक्ता को परेशानी होते रहती है. बिजली बंद होने के कारण आटा चक्की, फोटो कॉपी मशीनें, मशीन सुधारने वाले,मिस्त्रियों की दुकानें और एमपी ऑनलाइन,बैंक, कियोस्क सेंटर, डाकघर आदि के काम धंधे प्रभावित हुए.इसके साथ ही वैल्डिंग आदि की दुकानों पर भी काम करने में भी परेशानी आ रही है. ग्रामीण क्षेत्र से कई लोग अपने काम को लेकर किराया खर्च कर शहर में आ गए.लेकिन शहर में बिजली चलीं गयी तो कब आऐगी उसका कोई ठिकाना नहीं है. उनकी किराया खर्च कर शहर में आ गए. लेकिन शहर में बिजली नहीं होने के कारण उनके काम नहीं हो पाए.लोग दिन भर दुकानों के सामने खड़े होकर लाइट आने का इंतजार करते रहे. यही नहीं लाईन कटौती से सरकारी कार्यालय क्या काम भी बाधा होता है. लाईन कटौती से ग्रामीण क्षेत्र के दूर दराज से आऐ लोगों को निराश होकर वापस अपने गांव लौटना पड़ता है. रोजाना हो रही बिजली कटौती दुकानों का कहना है कि रोजाना अनियमित बिजली कंपनी द्वारा अघोषित बिजली की कटौती की जा रही है.इससे स्थानीय शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.बिजली गुल होने से दुकानों के काम धंधे प्रभावित होते हैं.दुकानदारों ने कहा कि रोजाना बिजली कटौती होने के बाद भी उनके बिल में कोई कमी नहीं आई है.बल्कि बिल में लगातार वृद्धि हो रही है.इससे लोग परेशान हो रहे रहे.
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