Buxar News: लापरवाही के चलते लोगों को हो रही परेशानी

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Buxar News: लापरवाही के चलते लोगों को हो रही परेशानी

सोमवार को बक्सर स्टेशन से लेकर आंबेडकर चौक तक सड़क पर जगह-जगह कचरा का ढेर जमा है.

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बक्सर

. सोमवार को बक्सर स्टेशन से लेकर आंबेडकर चौक तक सड़क पर जगह-जगह कचरा का ढेर जमा है. जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. स्टेशन से बाहर निकलते ही मुख्य सड़क पर डिवाइडर से सटे कूड़ों का अंबार जगह-जगह जमा है. जिस कारण कचरा से उठ रही दुर्गंध के कारण आस-पास के लोगों को जीना दुश्वार है. यही हाल शहर के आइटीआइ रोड में, जेल रोड में, श्मशान रोड में भी कचरे का ढेर लगा है.

जबकि बक्सर शहर की साफ-सफाई के नाम पर अब हर माह एक करोड़ 18 लाख रुपये की राशि खर्च हो रही है. बाजजूद इसके साफ-सफाई चरमरा गयी है. वही बक्सर शहर देश भर में स्वच्छता रैंकिंग में काफी पीछे छूट गया है. जिसके कारण बक्सर को स्वच्छ रखने की पहल पर फिर एक बार सवाल खड़ा हो गया है. लापरवाही की हद यह है कि शहर के मुख्य सड़कों की तो बात छोड़िए तमाम वार्डों की गलियों में भी प्रतिदिन झाड़ नहीं लगता है. करोड़ों की लागत से चल रहे केंद्र सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी योजना गंगा स्वच्छता अभियान की धार भी बक्सर को कमजोर कर रहा है. नहर के मार्ग से कूड़े गंगा में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे गंगा हर रोज प्रदूषित हो रही है. ताड़का नाले के सहारे शहर की गंदगी गंगा में गिरती है. इतना ही नहीं, नगर के किनारे बसे लोगों के लिए कूड़ा का डंपिंग जानलेवा बना हुआ है. बाइपास रोड में कूड़े का ढेर लगे रहने के कारण वातावरण प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है. एक करोड़ 18 लाख रुपये हर माह खर्च, फिर भी नहीं सुधर रही रैंकिंगशहर की साफ-सफाई को लेकर हर माह करीब एक करोड़ 18 लाख रुपये खर्च होता है. इनमें डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव और शहर की गली एवं सड़कों की साफ-सफाई की जिम्मेवारी एनजीओ को दी गयी है. बावजूद इसके डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन का कार्य बेहतर नहीं होता है. प्रत्येक वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा उठाव में जो कर्मी लगाये गये हैं. वे किसी भी वार्ड में लगभग पांच सौ से अधिक घर होने के कारण ये कर्मी हर रोज घरों तक नहीं पहुंच पाते हैं. ऐसे में गृह स्वामी घर के कचरे को सड़क पर फेंकने के लिए विवश हो जाते हैं. वहीं इओ आशुतोष कुमार गुफ्ता ने बताया कि यदि शहर के मुख्य सड़कों पर कचरा का ढेर लगा है तो सफाई करने वाले एनजीओ से जवाब तलब किया जाएगा.

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Raviranjan Kumar Singh

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