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एमवी कॉलेज में नौ सितंबर को होगा महर्षि विश्वामित्र व्याख्यानमाला

Updated at : 03 Sep 2025 10:28 PM (IST)
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एमवी कॉलेज में नौ सितंबर को होगा महर्षि विश्वामित्र व्याख्यानमाला

महर्षि विश्वामित्र व्याख्यानमाला ज्ञान सत्र-1 का ब्रोशर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो कृष्णा कांत सिंह के द्वारा सभी शिक्षकों के साथ औपचारिक रूप से बुधवार को जारी किया गया.

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बक्सर. ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महाविद्यालय सदैव अग्रसर होते हुए महर्षि विश्वामित्र व्याख्यानमाला ज्ञान सत्र-01 का आयोजन स्नातकोत्तर इतिहास विभाग एवं आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है. महर्षि विश्वामित्र व्याख्यानमाला ज्ञान सत्र-1 का ब्रोशर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो कृष्णा कांत सिंह के द्वारा सभी शिक्षकों के साथ औपचारिक रूप से बुधवार को जारी किया गया. यह ब्रोशर न केवल इस व्याख्यानमाला के स्वरूप, उद्देश्य और कार्यक्रम रूपरेखा को विस्तार से प्रस्तुत करता है. यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का भी परिचायक है. सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए महर्षि विश्वामित्र व्याख्यान माला ज्ञान सत्र-01 के ब्रोशर विमोचन के इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि महर्षि विश्वामित्र भारतीय मनीषा के अद्वितीय प्रतीक हैं. उनका जीवन तप, विज्ञान और समाज सेवा का समन्वय है. इस व्याख्यानमाला के माध्यम से हम विद्यार्थियों और समाज को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. ज्ञान सत्र-01 के अंतर्गत आगामी नौ सितंबर को मुख्य अतिथि सह उद्घाटनकर्ता कुलपति, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा प्रो शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता पूर्व कुलपति जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय छपरा प्रो हरिकेश सिंह, अतिविशिष्ट अतिथि कुलपति, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया प्रो संजीत कुमार गुप्ता का शुभ आगमन हो रहा है. जिसमे भारतीय दर्शन, वैदिक विज्ञान, संस्कृत साहित्य, नैतिक शिक्षा और योग जैसे विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए जायेंगे. यह कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होगा, अपितु यह विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार भी करेगा. इस व्याख्यानमाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समाज के बौद्धिक वर्ग को प्राचीन भारतीय ऋषियों की ज्ञान-परंपरा से जोड़ना है. इस ज्ञान सत्र में बदलते वैश्विक एवं सामाजिक परिवेश में प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा का महत्व एवं प्रासंगिकता विषय के साथ-साथ भारतीय दर्शन, विज्ञान, संस्कृत साहित्य, योग, और नैतिक शिक्षा प्रमुख हैं. इस मौके पर प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिनके नेतृत्व में यह आयोजन साकार रूप ले रहा है. साथ ही समस्त शिक्षकगण, छात्रगण, अभिभावक एवं अतिथि वर्ग से निवेदन है कि वे इस ज्ञान सत्र में सहभागिता कर इसे सफल बनाएं. इस अवसर पर इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ नवीन शंकर पाठक सहायक प्राध्यापक, डॉ विरेन्द्र कुमार सहायक प्राध्यापक, डॉ प्रिय रंजन, डॉ योगर्षि राजपूत, डॉ भरत कुमार, डॉ रवि प्रभात, डॉ जय प्रकाश मिश्रा, डॉ अवनीश पांडे, डॉ अमृता कुमारी, डॉ अर्चना मिश्रा, डॉ रासबिहारी शर्मा, डॉ इशरार आलम, डॉ अर्चना पांडेय, डॉ विभा श्रीवास्तव, डॉ विरेंद्र प्रसाद, डॉ राकेश तिवारी, डॉ शैकत देवनाथ, डॉ रवि ठाकुर, डॉ विकास राना, डॉ श्वेत प्रकाश, डॉ प्रियेश रंजन सहित सभी उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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