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मौनी अमावस्या के पावन स्नान को पहुंचे नेपाल व उतर बिहार के श्रद्धालु

Updated at : 17 Jan 2026 10:38 PM (IST)
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मौनी अमावस्या के पावन स्नान को पहुंचे नेपाल व उतर बिहार के श्रद्धालु

मौनी अमावस्या पर यहां के पावन सलिला भागीरथी के उतरायणी गंगा में स्नान के लिए शनिवार से ही स्नानार्थियों का जत्था पहुंचने लगा है.

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बक्सर. मौनी अमावस्या पर यहां के पावन सलिला भागीरथी के उतरायणी गंगा में स्नान के लिए शनिवार से ही स्नानार्थियों का जत्था पहुंचने लगा है. वे रविवार को मौन व्रत के साथ गंगा में डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे. शहर के रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट व सती घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा होता है. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का विशेष महत्व होने के कारण श्रद्धालु तड़के से ही घाटों पर पहुंचकर स्नान करेंगे तथा अपने आराध्य देवी-देवताओं के पूजन-अर्चना कर दान-पुण्य करेंगे. मान्यता है कि माघ मास की अमवास्या को मौन रहकर गंगा स्नान से मनुष्य के सारे पापों का शमन एवं असीम फलदायी होता है. मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान तथा भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन से मनुष्य की सारी इच्छा की सिद्धि होती है और पितृ देवों की कृपा प्राप्त होती है. मौनी अमावस्या स्नान को लेकर विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा अधिक भीड़-भाड़ वाले गंगा घाटों पर कड़े इंतजाम किए गए हैं. रामरेघाखाट व श्रीनाथ बाबा घाट पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. इसके अलावा वहां गोताखोरों की टीम तैनात रहेगी. ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो सके. उतरी बिहार के कई जिलों से पहुंचे श्रद्धालु : मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए नेपाल एवं उतरी बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का जत्था कई दिन पूर्व से ही पहुंचने लगा था. उनके आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा. श्रद्धालुओं को कंवरथू के नाम से जाना जाता है. वे यहां आने के बाद किला मैदान में डेरा डाले हुए हैं और भ्रमण कर मंदिरों में दर्शन-पूजन कर रहे हैं. यहां पहुंचे मोतिहारी बाबू लाल प्रसाद एवं हरेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि वे दो दिन पहले से आये हुए हैं. उनकी जत्था में 109 कंवरथू शामिल हैं. इसके अलावा सुपौल, नेपाल, पश्चिम चंपारण व सीतामढ़ी से भी कंवरथुओं का कारवां पहुंचा है. उन्होंने बताया कि मौनी अमावस्या को स्नान करने के बाद गंगा जल लेकर रवाना होंगे और सीधे पूर्वी चंपारण जिला स्थित अरेराज पहुंचेंगे और वहां ठहरकर बसंत पंचमी को अरेराज के सुप्रसिद्ध श्री सोमेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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