श्रावणी मेले पर ब्रह्मपुर नगर पंचायत सख्त, राजस्व नहीं तो खर्च नहीं-आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा फैसला
Buxar News : बक्सर के ब्रह्मपुर नगर पंचायत ने श्रावणी मेले को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. राजस्व वसूली का अधिकार नहीं मिलने पर खर्च से किया साफ इनकार. अतिथि गृह की आय को लेकर भी स्थिति बनी हुई है अस्पष्ट. नगर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सख्त कदम उठा रहा है प्रशासन.
बक्सर से संतोष कांत की रिपोर्ट
Buxar News : नगर पंचायत ब्रह्मपुर अब विकास के लिए केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सख्त और ठोस कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में आयोजित बोर्ड की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर आने वाले श्रावणी मेले और नगर के वित्तीय प्रबंधन पर पड़ेगा.
बैठक में सर्वसम्मति से यह बड़ा फैसला लिया गया कि यदि आगामी श्रावणी मेले में नगर पंचायत को राजस्व वसूली का अधिकार नहीं मिलता है, तो वह मेले के आयोजन और व्यवस्था पर कोई खर्च नहीं करेगी. यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अब नगर पंचायत बिना आय के खर्च करने के मूड में नहीं है.
अतिथि गृह पर भी संशय, वसूली को लेकर फंसा पेंच
बैठक में बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर परिसर में बने आधुनिक अतिथि गृह के संचालन को लेकर भी गहन चर्चा हुई. यह अतिथि गृह नगर पंचायत को हैंडओवर किया जा चुका है, लेकिन इसके संचालन और उससे मिलने वाले राजस्व को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है.
पार्षदों और मुख्य पार्षद ने साफ तौर पर कहा कि यदि अतिथि गृह से होने वाली आय पर नगर पंचायत का अधिकार नहीं होगा, तो उसके रखरखाव और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाएगा. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस अतिथि गृह से राजस्व वसूली का अधिकार किस विभाग के पास रहेगा, जिससे इसके संचालन पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
आत्मनिर्भरता ही विकास का रास्ता
बैठक में यह भी महसूस किया गया कि नगर के समुचित विकास के लिए आंतरिक संसाधनों को मजबूत करना बेहद जरूरी है. श्रावणी मेला और अतिथि गृह जैसे संसाधन नगर पंचायत के लिए आय के महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं, बशर्ते इनके राजस्व पर स्थानीय निकाय का नियंत्रण हो.
क्या कहते हैं अधिकारी
कार्यपालक पदाधिकारी शिव शक्ति कुमार ने स्पष्ट कहा कि हम केवल सरकारी अनुदान के भरोसे नगर का विकास नहीं कर सकते. ब्रह्मपुर नगर पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंतरिक स्रोतों से आय बढ़ाना बेहद जरूरी है. श्रावणी मेला और अतिथि गृह हमारे प्रमुख राजस्व स्रोत बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए वसूली का अधिकार नगर पंचायत को मिलना अनिवार्य है.
नगर पंचायत के इस रुख से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब स्थानीय निकाय अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा. यह पहल न केवल वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देगी, बल्कि भविष्य में नगर के विकास की नई दिशा भी तय करेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ragini Sharma
मैं रागिनी शर्मा वर्तमान में पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










