बक्सर में मुहर्रम पर उमड़ा जनसैलाब, यमुना चौक पर 107 ताजियों का हुआ मिलन

Edited by Suryakant Kumar
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अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया मुहर्रम

Buxar Muharram News : बक्सर में मुहर्रम का पर्व अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया. यमुना चौक पर 107 अखाड़ों के मिलन के बाद नम आंखों से ताजिया को सुपुर्द-ए-खाक किया गया.

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बक्सर से ओंकार नाथ मिश्र की रिपोर्ट
Buxar Muharram News :
हक और बातिल के दरमियान इतिहास की सबसे बड़ी जंग और नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की अजीम-ओ-शान शहादत की याद में शुक्रवार को बक्सर की ऐतिहासिक भूमि पूरी तरह गम-ओ-अंदोह के साए में डूब गई. इस्लामी साल 1448 हिजरी के पहले मुकद्दस महीने मुहर्रम के मौके पर सरिमपुर से लेकर नई बाजार, सोहनीपट्टी और मुसाफिरगंज तक की फिजां या हुसैन की सदा और अजादारों के मातम से गमगीन हो उठी.

इबादत और शहादत का दौर

मुहर्रम की नौवीं रात गुरुवार यानी शब-ए-आशूरा को शहर के छबिल कब्रिस्तान समेत जिले के तमाम इमामबाड़ों और मस्जिदों में विशेष मजलिसों का आयोजन किया गया. अकीदतमंदों ने इस रात को सोकर नहीं, बल्कि अल्लाह की बारगाह में नमाज, दुआ और तिलावत-ए-कुरआन के साथ बसर किया. जाकिरीन ने जब कर्बला की आखिरी रात का मंजर बयां किया, तो पूरा माहौल सिसकियों से गूंज उठा.

मुस्लिम अनुनायियों ने जंजीरों से मातमपुर्सी कर या हुसैन की सदाओं के साथ निकाला ताजिया जुलूस

इसके बाद शुक्रवार को 10वीं की रात को शाम-ए-गरीबां की मजलिस हुई, जहां मोमबत्तियों की रोशनी में अजादारों ने पुरनम आंखों से नौहाख्वानी की.

कर्बला मैदान में उमड़ा सैलाब

बक्सर सेंट्रल जेल के पास स्थित ऐतिहासिक कर्बला मैदान में सुबह से ही अकीदतमंदों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी. सेंट्रल जेल रोड से गुजरने वाले ताजिया जुलूसों का मुख्य पड़ाव यही मैदान रहा, जहां हजरत अब्बास के अलम और इमाम हुसैन के प्रतीकात्मक मजार (ताजिया) के दीदार के लिए हजारों हाथ दुआ में उठे. इस मैदान पर देर शाम तक मजलिस, सीना-जनी और मन्नतें पूरी करने का सिलसिला चलता रहा, जिसने बक्सर की रूहानी रिवायत को और मजबूत किया.

यमुना चौक पर हुआ मिलन

बक्सर की गंगा-जमुनी तहजीब का सबसे हसीन नजारा यमुना चौक पर देखने को मिला. शहर के विभिन्न इमामबाड़ों से निकले करीब 107 लाइसेंसी ताजिया जुलूस अपने मुकर्ररा रास्तों से होते हुए यहां जमा हुए. अलग-अलग अखाड़ों के खूबसूरत और आलीशान आजियों का जब पारंपरिक मिलन कराया गया, तो अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा.

अखाड़े के जांबाज जवानों ने लाठी, डंडे, तलवार और बनेठी के हैरतअंगेज करतब दिखाकर इमाम हुसैन के लश्कर की बहादुरी को खिराज-ए-अकीदत पेश किया.

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नम आंखों से विदाई दी

यमुना चौक पर अखाड़ों के मिलन के बाद वहां एक साथ पहलाम के जुलूस की शक्ल में तमाम ताजियों को पूरी संजीदगी के साथ छबिल कब्रिस्तान ले जाया गया. वहां देर शाम नम आंखों और ‘अलविदा या हुसैन’ की सदाओं के बीच अकीदत के इन प्रतीकों को सुपुर्द-ए-खाक (ठंडा) किया गया. रिवायत के मुताबिक, अजादारों ने इस गम में अपने घरों के चूल्हे तक नहीं जलाए और कर्बला के भूखे-प्यासे शहीदों की याद में रोजे (फाका) रखे.

मुहर्रम के जुलूस में युवाओं ने खेल का किया प्रदर्शन

चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस

मुहर्रम के इस पाक मौके पर अमन-ओ-अमान कायम रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा. जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य खुद हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे. कानून-व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए जिले भर में 128 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 31 गश्ती दल और 2 क्विक रिएक्शन टीमें (क्यूआरटी) तैनात की गई थीं. इसके अलावा संवेदनशील इलाकों और सेंट्रल जेल रोड पर ड्रोन कैमरों के जरिए पल-पल की निगरानी रखी गई.

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राजपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया

राजपुर प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड के विभिन्न गांवों में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर युवाओं ने खेल का प्रदर्शन किया. मंगराव में हुसैनिया कमिटी की तरफ से पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता इरशाद शाह ने की. कार्यक्रम का आरंभ देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा झंडा को फहराकर किया गया. देशभक्ति नारों और गीतों के साथ खिलाड़ियों ने हाथ में तिरंगा लेकर शहीदों को सलामी दी.

चौसा में दिखा मातमी माहौल

चौसा प्रतिनिधि के अनुसार, शुक्रवार को हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को बड़े ही गमगीन माहौल में अलविदा कहा गया. हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत को याद करते हुए शहर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से मातमी जुलूस निकाले गए.

मुस्लिम अनुयायियों ने जंजीरों से मातमपुर्सी कर या हुसैन की सदाओं के साथ ताजिया जुलूस निकाला. प्रखंड के विभिन्न मुस्लिम बाहुल इलाकों में इस्लाम की रक्षा के लिए कर्बला के युद्ध में दी गई शहादत को याद करते हुए सजदा की गई.

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Suryakant Kumar

लेखक के बारे में

By Suryakant Kumar

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों से जुड़ी हाइपरलोकल खबरों, शिक्षा, रोजगार, प्रशासनिक गतिविधियों और जनसरोकार के विषयों पर समाचार लेखन का कार्य कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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