Buxar News: सूबे में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण के मामले में बक्सर रहा सातवें स्थान पर

Updated at : 04 Jan 2025 9:39 PM (IST)
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Buxar News: सूबे में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण के मामले में बक्सर रहा सातवें स्थान पर

Buxar News: जिले में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण की स्थिति भी गंभीर हो गयी है

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बक्सर

. जिले में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण की स्थिति भी गंभीर हो गयी है. शहर में विद्युत विभाग के परिसर में लगे बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण के लगाए गए यंत्र से पता चला कि जिले का वायु प्रदूषण सबसे अधिक खराब नवम्बर माह में 23 को 326 एक्यूआइ दर्ज किया गया है उसके बाद 18 नवम्बर को 313 एक्यूआइ दर्ज किया गया है. बिहार में सबसे अधिक पटना 337 एक्यूआइ, दानापुर 282 एक्यूआइ, गया 259 एक्यूआइ,232 औरंगाबाद एक्यूआइ, 201 अररिया एक्यूआइ, दर्ज किया गया है तो वहीं बक्सर में 126 एक्यूआइ दर्ज किया गया है.

नये साल में वायु प्रदूषण काफी नियंत्रित

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण के लगाए गये यंत्र से पता चला कि जिले में वायु प्रदूषण की स्थिति ऐसी बनी हुई है. इसको नियंत्रण करने के लिए पेड़ पौधे लगाना अतिआवश्यक है. इसके लिए जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिया गया है कि वायु प्रदूषण के लिए आवश्यक कदम उठाएं. उसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं. पूर्व के वर्षो की तुलना में पिछले इस वर्ष वायु प्रदूषण काफी नियंत्रण में रहा है.

घर बैठे देख सकते हैं प्रदूषण का हाल :

अपने जिले के वायु प्रदूषण घर बैठे गुगल पर सीसीआर, सीपीसीवी सर्च करके घर बैठे देख सकते हैं. वही वायु प्रदूषण कम कर सकते हैं.

कम करने के तरीके :

सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, इलेक्ट्रिक जैसे ऊर्जा कुशल वाहन उपयोग, पौधा लगाऐ, उपयोग में न होने पर लाइट बंद कर दे, प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग कम से कम करे .

सौर ऊर्जा का प्रयोग करे, हमेशा रिसाइकिल करने योग्य उत्पादों का उपयोग करे, धूम्रपान कम करे.अपने साथियों को शिक्षित करे.

मानव, पौधों और जानवरों पर खराब वायु गुणवत्ता के प्रभाव : प्रदूषित हवा इंसानों, जानवरों, वनस्पतियों, जीवों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए हानिकारक है.इसलिए, हमें वायु प्रदूषण को कम करने और स्वस्थ रहने की स्थिति बनाए रखने की आवश्यकता है. दिन प्रतिदिन बढ़ते वायु प्रदूषण के पीछे मुख्य कारण मनुष्य ही हैं.वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तरों के पीछे अन्य प्राकृतिक कारणों में जंगल की आग, या जंगल की आग, हवा के पैटर्न में बदलाव, सूर्य की स्थिति आदि शामिल हैं.मानव गतिविधियाँ वायु प्रदूषण सांद्रता को काफी हद तक प्रभावित करती हैं, इसलिए वायु प्रदूषण को कम करना हमारा कर्तव्य बन जाता है. खराब वायु गुणवत्ता मानव और पर्यावरण को प्रभावित करती है.

मनुष्यों में हृदय और श्वांस संबंधी समस्याएं :

मनुष्यों में शुरुआती बढ़ती उम्र में ऊतक विकास और कोशिका वृद्धि.प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया को बाधित करके पौधों में वृद्धि. जानवरों की खाल खराब वायु गुणवत्ता से त्वचा कैंसर हो सकता है.

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