बिना फार्मर रजिस्ट्री के बंद हो जाएगी सब्सिडी, बिहार सरकार ने शुरू किया विशेष अभियान

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 08 Jan 2026 7:27 PM

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AI फोटो

Bihar Government: बिहार में पीएम किसान योजना के लाभुकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बिना अगली किस्त रुक सकती है. सहरसा और बक्सर के केसठ में विशेष कैंप लगाकर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. किसान अपने आधार और जमाबंदी के साथ 9 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

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Bihar Government: बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के लाभुकों के लिए एक नया नियम लागू किया है. अब केवल ई-केवाईसी (e-KYC) से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर किसान को अपनी फार्मर रजिस्ट्री करानी होगी. सहरसा के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) संजय कुमार ने चेतावनी दी है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, वे अगली किस्त और भविष्य की अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे. सहरसा जिले में 2.28 लाख से अधिक लाभार्थियों में से अब तक मात्र 18848 किसानों ने ही यह रजिस्ट्रेशन कराया है.

मिशन मोड में लगाया जा रहा कैंप

इस काम को रफ्तार देने के लिए पूरे बिहार के गांवों में 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक मिशन मोड में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं. बक्सर के केसठ ब्लॉक में बीडीओ विजय कुमार सौरभ ने शिविरों का जायजा लेते हुए कहा किया कि इस बार रजिस्ट्रेशन के नियम सख्त हैं. उन्होंने बताया कि शिविर में वही किसान रजिस्ट्रेशन कराएं जिनके नाम पर जमाबंदी है. केसठ में गुरुवार को 200 से अधिक किसान पहुंचे थे, लेकिन नाम में गलती या जमाबंदी न होने के कारण उन्हें बिना रजिस्ट्रेशन के वापस लौटना पड़ा.

फार्मर रजिस्ट्री कराने के फायदे

यह सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसानों की एक डिजिटल पहचान है. फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को खाद-बीज पर सब्सिडी, फसल नुकसान का मुआवजा (Inout Subsidy) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज बेचने के लिए बार-बार सत्यापन (Verification) नहीं कराना होगा. यह आईडी बनने के बाद सरकारी लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे और जल्दी किसान तक पहुंच सकेंगे.

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रजिस्ट्रेशन के लिए क्या करें

पंजीकरण के लिए किसानों को अपने साथ आधार कार्ड, जमीन के डॉक्यूमेंट और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर लेकर कैंप में जाना होगा. वहां मौजूद किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक आपका ई-केवाईसी करेंगे. कर्मचारी जमीन के कागजों की जांच करेंगे. दोनों स्तरों से सत्यापन होने के बाद आपकी डिजिटल फार्मर आईडी तैयार हो जाएगी. अगर आप इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, तो 9 जनवरी तक अपने पंचायत के कैंप में जरूर पहुंचे.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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