Bihar Government: बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) के लाभुकों के लिए एक नया नियम लागू किया है. अब केवल ई-केवाईसी (e-KYC) से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर किसान को अपनी फार्मर रजिस्ट्री करानी होगी. सहरसा के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) संजय कुमार ने चेतावनी दी है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, वे अगली किस्त और भविष्य की अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे. सहरसा जिले में 2.28 लाख से अधिक लाभार्थियों में से अब तक मात्र 18848 किसानों ने ही यह रजिस्ट्रेशन कराया है.
मिशन मोड में लगाया जा रहा कैंप
इस काम को रफ्तार देने के लिए पूरे बिहार के गांवों में 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक मिशन मोड में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं. बक्सर के केसठ ब्लॉक में बीडीओ विजय कुमार सौरभ ने शिविरों का जायजा लेते हुए कहा किया कि इस बार रजिस्ट्रेशन के नियम सख्त हैं. उन्होंने बताया कि शिविर में वही किसान रजिस्ट्रेशन कराएं जिनके नाम पर जमाबंदी है. केसठ में गुरुवार को 200 से अधिक किसान पहुंचे थे, लेकिन नाम में गलती या जमाबंदी न होने के कारण उन्हें बिना रजिस्ट्रेशन के वापस लौटना पड़ा.
फार्मर रजिस्ट्री कराने के फायदे
यह सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसानों की एक डिजिटल पहचान है. फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को खाद-बीज पर सब्सिडी, फसल नुकसान का मुआवजा (Inout Subsidy) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज बेचने के लिए बार-बार सत्यापन (Verification) नहीं कराना होगा. यह आईडी बनने के बाद सरकारी लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे और जल्दी किसान तक पहुंच सकेंगे.
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रजिस्ट्रेशन के लिए क्या करें
पंजीकरण के लिए किसानों को अपने साथ आधार कार्ड, जमीन के डॉक्यूमेंट और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर लेकर कैंप में जाना होगा. वहां मौजूद किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक आपका ई-केवाईसी करेंगे. कर्मचारी जमीन के कागजों की जांच करेंगे. दोनों स्तरों से सत्यापन होने के बाद आपकी डिजिटल फार्मर आईडी तैयार हो जाएगी. अगर आप इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, तो 9 जनवरी तक अपने पंचायत के कैंप में जरूर पहुंचे.
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