60 प्रतिशत सरकारी कार्यालय बिना सुरक्षा के, आग लगी तो सब कुछ जलकर हो सकता है राख
पटना के पाल होटल व अमृत लॉज में गत दिनों हुई अग्निकांड के बाद प्रभात खबर ने शनिवार को मुख्यालय के सभी सरकारी कार्यालय, होटल, रेस्टूरेंट और बड़े-बड़े दुकानों की पड़ताल की
आपके शहर में
बताया गया कि जिले में कई ऐसे रेस्टोरेंट व होटलों का संचालन ऐसे जगहों पर किया जाता है, जहां पहुंचने के लिए सड़क चौड़ी नहीं है. लिहाजा पतली रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है. वहां, आग लगने की स्थिति में छोटी गाड़ियां भी काम आती हैं. बड़ी गाड़ी लेकर फायर बिग्रेड कर्मी फंस जाते हैं. यहां आग पर काबू पाना कमियों के लिए काफी जोखिम उठाना पड सकता है.
पटना से दिया जाता है एनओसी
अगनिशमन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बड़े होटलों का एनओसी की यहां से सिर्फ अनुशंसा की जाती है. इसका एनओसी पटना से दिया जाता है. जिन प्रतिष्ठानों में एनओसी देने के लिए अनुसंशा की जाती है, वहां सुरक्षा को लेकर सभी तरह के लगाए जाने वाले संयंत्रों की जांच पड़ताल की जाती है. मानक पर खरा उतरने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है. क्या कहते हैं अधिकारीसरकारी कार्यालय का जांच दो वर्ष पूर्व किया गया था तो पाया गया था कि 40 प्रतिशत सरकारी कार्यालय में अग्निशामक यंत्र पाया गया. जिन कार्यालय में अग्निशामक यंत्र नहीं पाया गया. उन सभी विभागों को सलाह दिया गया कि अपने विभाग में अग्निशामक यंत्र लगा लें. जिले मुख्यालय के बड़े होटलों को प्रत्येक वर्ष जांच किया जाता है व बड़े प्रतिष्ठान दुकान एवं छोटे होटलों को जागरूक किया जा रहा है कि अपने प्रतिष्ठान में अग्निशामक यंत्र जरूर रखें. नहीं रखने पर विभागीय कार्रवाई किया जाएगा. अग्निशमन विभाग के द्वारा प्रतिदिन जन जागरुकता अभियान चलाकर आम लोगों को भी अपने घर एवं दुकान में रखने का सलाह दिया जाता है.
सत्यदेव प्रसाद सिंह अग्निशमन अधिकारी, बक्सर
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए