मोबाइल टावरों पर नप ने कसा शिकंजा, भेजा नोटिस

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डुमरांव : शहर में संचालित मोबाइल टावर कंपनियों पर नगर पर्षद के 20 लाख की राशि बकाया है. इस मामले में नप ने कड़े कदम उठाते हुए कंपनियों पर नोटिस भेज राशि जमा करने का निर्देश दिया है. इस अवधि में टावर संचालक टैक्स की अदायगी नहीं करता है तो नप प्रशासन टावर को सील […]

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डुमरांव : शहर में संचालित मोबाइल टावर कंपनियों पर नगर पर्षद के 20 लाख की राशि बकाया है. इस मामले में नप ने कड़े कदम उठाते हुए कंपनियों पर नोटिस भेज राशि जमा करने का निर्देश दिया है. इस अवधि में टावर संचालक टैक्स की अदायगी नहीं करता है तो नप प्रशासन टावर को सील करने की कार्रवाई करेगा. बताया जाता है कि यह बकाया रजिस्ट्रेशन एवं वार्षिक टैक्स शुल्क का है.
जो मोबाइल टावर कंपनियों द्वारा करीब 10 वर्षों से जमा नहीं किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में नप प्रशासन ने सख्ती से टैक्स वसूली का फरमान जारी किया है.
मिली जानकारी के अनुसार नप ने मोबाइल टावरों के संचालकों को बिहार नगरपालिका अधिनियम का हवाला देते हुए जनवरी माह तक मोहलत दी थी लेकिन फरवरी माह में भी इन बकायेदारों द्वारा राशि जमा नहीं करायी गयी, जिससे खफा नगर पर्षद ने दूसरी बार नोटिस जारी किया है. इन मोबाइल टावर के कई कंपनियों द्वारा 10 वर्ष बीतने के बाद भी रजिस्ट्रेशन टैक्स भी नहीं जमा कराया गया है. ऐसी स्थिति में नप के राजस्व में हानि उठानी पड़ रही है.
नियमों को किया गया दरकिनार : शहरी क्षेत्र के सघन आबादी वाले इलाके में नप प्रशासन ने नियमों को दरकिनार कर टावर लगाने की अनुमति दी है, जबकि टावर लगाने के निकाय अधिनियम के अनुसार कई शर्तों से टावर कंपनियों को गुजरना पड़ता है. इसमें पहली शर्त के अनुसार टावर सघन आबादी से दूर हो. दूसरी शर्त नगर पर्षद से इसके लिए एनओसी लेना अनिवार्य, तीसरी शर्त है कि रजिस्ट्रेशन के रूप में नप कार्यालय में 40 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है. साथ ही सालाना टैक्स के रूप में 10 हजार रुपये वार्षिक शुल्क देय है.
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