मेधा सूची जारी, नामांकन को लगा रहे कॉलेजों के चक्कर

Updated at : 23 Jul 2018 9:18 AM (IST)
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मेधा सूची जारी, नामांकन को लगा रहे कॉलेजों के चक्कर

परीक्षा समिति व विश्वविद्यालयों के अलग-अलग नियमों से परेशान छात्र-छात्राएं नामांकन के बाद रजिस्ट्रेशन कराने में भी छात्रों को होगी परेशानी डुमरांव : स्नातक प्रथम वर्ष में नामांकन कराने को लेकर छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया था. लेकिन बोर्ड द्वारा जारी मेधा सूची के आधार पर नामांकन कराने पर विश्वविद्यालय के नियम आड़े आ […]

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परीक्षा समिति व विश्वविद्यालयों के अलग-अलग नियमों से परेशान छात्र-छात्राएं
नामांकन के बाद रजिस्ट्रेशन कराने में भी छात्रों को होगी परेशानी
डुमरांव : स्नातक प्रथम वर्ष में नामांकन कराने को लेकर छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया था. लेकिन बोर्ड द्वारा जारी मेधा सूची के आधार पर नामांकन कराने पर विश्वविद्यालय के नियम आड़े आ रहे हैं, जिससे मेधा सूची में नाम आने के बाद कॉलेज प्रबंधन से लेकर छात्र-छात्राएं परेशान हैं.
इस बार खास यह कि नामांकन में विश्वविद्यालयों की भूमिका नहीं है. सीधे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा नामांकन लिया जा रहा है. इस वर्ष इंटरमीडिएट में उत्तीण छात्रों द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा ऑनलाइन आवेदनके बाद मेधा सूची जारी कर दिया गया है. लेकिन सूची जारी होने के बाद भी छात्र-छात्रों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ गयी है.
बताया जाता है कि परीक्षा समिति द्वारा जारी लिस्ट में विश्वविद्यालय के तय मानकों की अनदेखी की गयी है. विश्वविद्यालय द्वारा उन्हीं विषयों में ऑनर्स (प्रतिष्ठा) देने का प्रावधान है, जिसमें इंटरमीडिएट में कम से कम 45 प्रतिशत अंक जरूरी है. लेकिन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा प्रतिष्ठा विषय के मेरिट के बदले पूरे अंक पर मेधा सूची बनायी गयी है. अब इसमें कई छात्र ऐसे हैं जो जिस प्रतिष्ठा के लिए आवेदन किये हैं. उनका उस विषय में 45 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त है. ऐसे में विश्वविद्यालयों द्वारा उस विषय में उन्हें आनर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं दिया जा सकता है.
वहीं नियम के विपरीत नामांकन करने वाले कॉलेजों के प्राचार्य भी मुश्किल में पड़ सकते हैं. जबकि छात्रों को पंजीयन कराने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. आश्चर्य की बात तो यह है कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी सूची में मैट्रिक के बाद आईटीआई करने वाले छात्रों का भी नाम है. ऐसे में कॉलेज प्रबंधन परेशान है कि ऐसे छात्रों को किस विषय में ऑनर्स दिया जाये.
छात्राओं द्वारा ली गयी अधिक राशि का परीक्षा शुल्क में होगा सामंजन: प्राचार्य
डुमरांव. स्नातक कला व विज्ञान सत्र 2018-21 में एससी-एसटी एवं सभी कोटि की छात्राओं का नामांकन के दरम्यान लगने वाला शुल्क मात्र दो सौ रुपया लगेगा. उक्त आशय की जानकारी कॉलेज प्राचार्य डॉ धीरेंद्र कुमार सिंह ने दी. उन्होंने कहा कि एसएसी व एसटी छात्र एवं सभी कोटि की छात्राओं का पूर्व में जमा किया गया अधिक शुल्क तीन सौ रुपया का सामंजन परीक्षा फार्म के समय परीक्षा शुल्क में किया जायेगा.
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