सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया

Updated at : 30 Aug 2017 2:00 AM (IST)
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सरकारी विभागों पर करोड़ों बकाया

बक्सर : आम उपभोक्ता अगर बिजली के बिलों का समय से भुगतान न कर पाएं, तो उनके घर की लाइट काट दी जाती है, लेकिन ऐसा सरकारी कार्यालय के साथ नहीं है़ साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के करोड़ों की राशि सरकारी विभाग दबाये बैठे हैं, लेकिन पावर ड्रिस्ट्रिब्यूशन कंपनी न तो उनसे वसूली कर […]

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बक्सर : आम उपभोक्ता अगर बिजली के बिलों का समय से भुगतान न कर पाएं, तो उनके घर की लाइट काट दी जाती है, लेकिन ऐसा सरकारी कार्यालय के साथ नहीं है़ साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के करोड़ों की राशि सरकारी विभाग दबाये बैठे हैं, लेकिन पावर ड्रिस्ट्रिब्यूशन कंपनी न तो उनसे वसूली कर पा रही है और न ही उनके कनेक्शन काटने की हिम्मत जुटा पा रही है.

विभाग ने बिजली बिल के बड़े बकायेदार उपभोक्ताओं के लिए किस्तों में बिल जमा करने की सहूलियत भी दी है, लेकिन आम उपभोक्ताओं को अगर छोड़कर बात की जाये, तो जिले में सबसे बड़े बकायेदार के रूप में कई सरकारी विभाग ही बिजली विभाग का पैसा दबाये बैठे हैं. हालांकि बिजली बिल भुगतान में आ रही कमी को देख कंपनी राजस्व वसूलने के लिए अब कड़ा रूख अपनायेगी. विभाग कभी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं. जिले में बिजली बिल के बकायदारों की लिस्ट कंपनी ने तैयार कर ली है.

बिजली कंपनी के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि बिल का भुगतान नहीं करनेवाले उपभोक्ताओं का पहले बिजली कनेक्शन काटा जायेगा. उसके बाद भी वे बकाये की राशि नहीं जमा करेंगे, तो उनके ऊपर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जायेगा. इसके तहत चौसा में एचटी उपभोक्ता पर सर्टिफिकेट केस किया गया है. वहीं, 1200 बड़े बकायेदारों का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया है. अब भी करीब 1700 ऐसे बकायेदार हैं जिनका कनेक्शन काटा जायेगा.

विभागीय सूत्रों की मानें, तो बिजली बिल विपत्र भेजे जाने के बावजूद भुगतान करने में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. शहर और गांवों की तुलना करें, तो सबसे अधिक बिजली बिल के बकायेदार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं. अब तो बिजली कंपनी ने ऑन स्पॉट बिजली का बिल विपत्र उपभोक्ताओं को दे रही है. फिर भी लोग अभी सुस्त पड़े हुए हैं. हालांकि एक बार में किस्तों में भी बिल का भुगतान किया जा सकता है.

बिजली बिल के बड़े बकायेदारों पर केस करेगी कंपनी
ये हैं बड़े बकायेदार
विभाग बकाया राशि
पीएचइडी 7 लाख रुपये
नगर पर्षद 13 करोड़ रुपये
सिंचाई विभाग 2.5 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य विभाग 25 लाख रुपये
जिला परिषद 13 लाख रुपये
समाहरणालय 15 लाख रुपये
शिक्षा विभाग 5 लाख रुपये
निर्बाध सेवा के लिए बिल जमा करना आवश्यक
बिल जमा करने में उपभोक्ता दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. जब राजस्व नहीं आएगा तो बेहतर सुविधा कैसे कंपनी दे पाएगी. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता बिजली बिल का ससमय भुगतान कर कंपनी को सहयोग करें.
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